107वीं जयंती पर साहित्यिक संगोष्ठी, नज़्मों और रंगकर्म से सजी शाम
ऑल इंडिया कैफी एकेडमी में हुआ ‘याद ए कैफी’ कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ। लखनऊ के साहित्यजगत ने मशहूर इंकलाबी शायर इप्टा के पूर्व अध्यक्ष कैफी आजमी की 107 वीं जयंती पर उन्हें याद किया। निशातगंज पेपरमिल कालोनी स्थित एकेडमी सभागार में ‘याद-ए-कैफी’ आजमी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। साहित्यप्रेमियों ने उनके रचनात्मक, सामाजिक और वैचारिक योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एकेडमी के उपाध्यक्ष सैयद खुर्शीद मेहदी और मशहूर अफसानानिगार आयशा सिद्दीकी द्वारा कैफी आज़मी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। संगोष्ठी का विषय ‘यादें—कैफी’ रखा गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके साहित्यिक जीवन के अनछुए पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। संचालन प्रोफेसर रेशमा परवीन ने किया।
वक्ता समीना खान ने बताया कि कैफी आज़मी ने महज़ 11 वर्ष की उम्र में अपनी पहली ग़ज़ल लिख दी थी। उनका मशहूर शेर— “इतना तो ज़िन्दगी में किसी के ख़लल पड़े…” इस बात का प्रमाण है कि वे आरंभ से ही अन्याय और जड़ व्यवस्था में हस्तक्षेप करने वाले शायर थे।
प्रोफेसर नलिन रंजन सिंह ने कहा कि आमतौर पर कैफी साहब को शायर और गीतकार के रूप में जाना जाता है, जबकि वे एक बेहतरीन कॉलमनिगार भी थे। उर्दू साप्ताहिक ‘ब्लिट्ज़’ में उनका कॉलम ‘नई गुलिस्तां’ लंबे समय तक पाठकों में चर्चित रहा। प्रोफेसर रेशमा परवीन ने उन्हें ‘धड़कनों का शायर’ बताते हुए कहा कि उनका कलाम सीधे दिल और ज़मीर से संवाद करता है।
आजमगढ़ से आए वक्ता राजेश यादव ने कहा कि कैफी आज़मी ने तरक्कीपसंद तहरीक को अपना जीवन-संकल्प बना लिया था और हर तरह के ज़ुल्म व नाइंसाफी के ख़िलाफ़ कलम को हथियार बनाया। डॉ. अजरा जिरवी ने कैफी आज़मी की मशहूर नज़्म ‘औरत’ को अपने प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात रंगकर्मी स्वर्गीय ऊषा गांगूली के चर्चित नाटक ‘हम मुख्तारा’ की वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। एकेडमी की परंपरा के अनुसार कार्यक्रम के समापन पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। मीडिया प्रभारी सैयद फ्राहिम हुसैन ने बताया कि इस भोज में आपसी संवाद और आत्मीयता का माहौल रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं आयशा सिद्दीकी ने कैफी आज़मी की नसरी तहरीरों को उर्दू अदब की तारीख़ में एक अहम मुकाम बताया। अंत में एकेडमी के जनरल सेक्रेटरी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन के सफल समापन की घोषणा की।

