मुख्यमंत्री ने दिए ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026)’ लागू करने के निर्देश

Prashant

February 5, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा कर जारी किए निर्देश

श्री अयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित्र पर केंद्रित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश भी दिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण हेतु नई एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026)’ लागू करने का आदेश दिया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सरकार का उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है जो तीव्र, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। विभाग इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करे ताकि हर पात्र व्यक्ति इसका लाभ उठा सके।”

मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित देयों और विवादों के कारण न केवल विकास की गति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिक भी परेशान होते हैं। उन्होंने इस योजना को जन-केंद्रित बनाने पर जोर दिया है।

सीएम योगी ने निर्देश दिए कि व्यावहारिक छूट: एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर विशेष छूट दी जाएगी। किस्तों की सुविधा: जो आवंटी एक बार में भुगतान नहीं कर सकते, उनके लिए किस्तों  का विकल्प भी उपलब्ध होगा।

पूर्णतः ऑनलाइन प्रक्रिया: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और उपयोगकर्ता के अनुकूल  होगी। समयबद्ध निस्तारण: प्रत्येक आवेदन का निपटारा एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा।

–        अयोध्या धाम में स्थापित होगी अत्याधुनिक ‘वैदेही आर्ट गैलरी’

इसी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने श्री अयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित्र पर केंद्रित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश भी दिए। यह गैलरी अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती है। गैलरी में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से माता सीता के त्याग, करुणा और शक्ति का पुनर्पाठ प्रस्तुत किया जाएगा।

 मिथिला संस्कृति का हो प्रदर्शन: इसमें मिथिला की समृद्ध लोक परंपरा, कला और सांस्कृतिक आयामों को प्रमुखता से स्थान मिलेगा। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के नैतिक आदर्शों और माता सीता के उज्ज्वल चरित्र से गहराई से परिचित कराया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए, जहाँ आने वाले श्रद्धालु माता सीता के जीवन संदेश को आत्मसात कर सकें।

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