चाइनीज मांझे पर योगी सरकार का कड़ा एक्शन, अब मौत होने पर दर्ज होगा ‘हत्या’ का केस: सीएम योगी

Prashant

February 5, 2026

प्रशासन की छापेमारी: लखनऊ के कई इलाकों के बाजारों में हड़कंप

दुबग्गा निवासी 34 वर्षीय सैयद शोएब की मांझे से गर्दन कटने से मचा हड़कंप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे से हुई एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने पूरे प्रदेश में चाइनीज मांझे (सिंथेटिक डोर) के इस्तेमाल और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि भविष्य में मांझे के कारण किसी की जान जाती है, तो इसे ‘हत्या’ की श्रेणी में रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। लखनऊ के कई इलाकों में पुलिस ने सघन छापेमारी शुरू कर दी है। प्रमुख क्षेत्र: पुलिस की टीमों ने हैदरगंज, मोतीझील और बाजारखाला जैसे संवेदनशील इलाकों में पतंग की दुकानों की तलाशी ली।  डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव और एडीसीपी धनंजय सिंह विक्रम के नेतृत्व में छापेमारी की गई, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस अभियान की रिपोर्ट उच्च स्तर पर साझा की जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह घातक डोर बाजार से पूरी तरह गायब हो गई है।

बुधवार को लखनऊ के बाजारखाला हैदरगंज ओवरब्रिज पर एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। दुबग्गा निवासी 34 वर्षीय सैयद शोएब, जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे, अपनी बाइक से जा रहे थे। तभी हवा में लहराता हुआ चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। मांझा इतना धारदार था कि शोएब की गर्दन की नस कट गई। अत्यधिक खून बहने के कारण ट्रॉमा सेंटर में उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि “चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग अब अपराध है। इससे होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार व्यक्ति पर हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा।”

मेट्रो और पक्षियों के लिए भी खतरा हाल के दिनों में चाइनीज मांझा न केवल इंसानों के लिए, बल्कि बुनियादी ढांचे के लिए भी मुसीबत बना है। कुछ दिनों पहले हवा में उड़ती पतंग के तार हाईटेंशन लाइन पर गिरने से लखनऊ मेट्रो की रफ्तार थम गई थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इसके अलावा, हजारों बेकसूर पक्षी भी हर साल इस घातक डोर का शिकार होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *