उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया
पूरे उत्तर प्रदेश से लगभग 3800 बसों का बेड़ा तैनात किया गया था
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को परिवहन निगम ने सफलतापूर्वक पूरा किया है। 1 फरवरी 2026 तक लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से प्रयागराज पहुँचकर संगम में पुण्य स्नान किया। विभाग द्वारा इस पावन आयोजन के लिए पूरे प्रदेश से लगभग 3800 बसों का बेड़ा तैनात किया गया था।
परिवहन मंत्री के अनुसार, प्रमुख स्नान पर्वों पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया। आंकड़ों के अनुसार: मौनी अमावस्या (18 जनवरी): सबसे अधिक भीड़ देखी गई, जहाँ 2387 बसों के माध्यम से 74,462 यात्रियों ने सफर किया। बसंत पंचमी (23 जनवरी): 1526 बसों से 48,111 श्रद्धालुओं ने यात्रा की। माघी पूर्णिमा (01 फरवरी): 1297 बसों का संचालन कर 42,753 यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।
मकर संक्रांति व पौष पूर्णिमा: इन अवसरों पर भी हज़ारों यात्रियों ने सुरक्षित यात्रा का लाभ उठाया। कुल मिलाकर, प्रमुख तिथियों पर 7,533 अतिरिक्त फेरे लगाए गए, जिससे 2.12 लाख से अधिक यात्रियों को सीधी सुविधा मिली। 3 जनवरी से 1 फरवरी के बीच औसतन 1178 बसें प्रतिदिन संचालित की गईं।
दयाशंकर सिंह ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे बस सेवा सुनिश्चित की गई थी। यात्रा को सस्ता और आरामदायक बनाने के लिए एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार की बसों का संचालन किया गया। बसों में आधुनिक तकनीक, सैनिटाइजेशन और पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की गई थी। साथ ही, श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए, जहाँ रूट और समय-सारणी की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
परिवहन निगम के इस कुशल प्रबंधन से प्रदेश के दूर-दराज के गाँवों और शहरों से आए श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के समय पर संगम पहुँचने और वापस लौटने में बड़ी मदद मिली है।

