यूपी में खेलों के स्तर को वैश्विक पहचान दिलाने व आगामी नेशनल गेम्स व ओलंपिक में पदकों की संख्या बढ़ाने को सरकार ने कमर कसी
शुक्रवार को बी.वी.डी. बैडमिंटन एकेडमी में प्रदेश के 16 खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खेलों के स्तर को वैश्विक पहचान दिलाने और आगामी नेशनल गेम्स व ओलंपिक में पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित बी.वी.डी. बैडमिंटन एकेडमी में प्रदेश के 16 खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
प्रतिभाओं को निखारने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल सचिव सुहास एल.वाई. ने स्पष्ट किया कि खेल संघों को केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर काम करना होगा। उन्होंने कहा, “प्रदेश में अधिक से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए, ताकि हमारे खिलाड़ियों को घर में ही विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे ओलंपिक व एशियाई खेलों में पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे।”
छह बिंदुओं पर हुआ गहन मंथन
बैठक में मुख्य रूप से छह एजेंडों पर चर्चा की गई। जिसमें वर्ष 2025 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप और नेशनल गेम्स में जीते गए पदकों का विश्लेषण। ग्रासरूट टैलेंट: ग्रामीण और जमीनी स्तर पर नई प्रतिभाओं की पहचान और उनके डेटा मैनेजमेंट की समीक्षा की गई। प्रशिक्षण और फंड: खेल आयोजनों के लिए सरकारी अनुदान (फंड) के सही उपयोग और निजी अकादमियों में कोचों की उपलब्धता सुनिश्चित करना। खिलाड़ी सहायता: केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे एथलीटों तक पहुँचाने पर जोर दिया गया।
जिला स्तर पर बढ़ेंगी प्रतियोगिताएं
खेल निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह ने खेल संघों को निर्देश दिए कि वे जिला और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अधिक टूर्नामेंट होने से खिलाड़ियों को नियमों की बेहतर जानकारी होगी और उनकी प्रतिभा में निखार आएगा।
बैठक में विशेष सचिव (खेल) कुमार विनीत सहित बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, हॉकी और पैरा एसोसिएशन समेत 16 विभिन्न खेल संघों के सचिव व प्रतिनिधि उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पहले 29 जनवरी को भी अन्य 16 संघों के साथ इसी प्रकार की समीक्षा की गई थी।

