2 और 3 फरवरी को लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद समेत कई हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार
ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कुदरत के दोहरे वार ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटे हुए हैं। बर्फीली हवाओं के चलते कई जिलों में पारा 3 से 5 डिग्री तक लुढ़क गया है।
आगरा, कानपुर और बरेली जैसे शहरों में दृश्यता गिरकर 10 मीटर तक रह गई है। नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। बुलंदशहर सबसे ठंडा: 8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ बुलंदशहर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जबकि आगरा में अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री दर्ज किया गया। ऑरेंज अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने मेरठ, सहारनपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत 30 जिलों में घने कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
फरवरी की शुरुआत में फिर होगी बारिश
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 1 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 2 और 3 फरवरी को लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद समेत कई हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार हैं। बारिश के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे कोहरे से तो राहत मिलेगी लेकिन नमी वाली ठंड बरकरार रहेगी। 4 फरवरी के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड की वापसी की संभावना है।
प्रशासन ने बढ़ते कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने और रात के समय यात्रा से बचने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को गलन से बचाव के लिए गर्म कपड़े और अलाव का सहारा लेने का सुझाव दिया गया है।

