जयपुर में योजनाओं की समीक्षा और तकनीकी विमर्श
‘भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति’ का निरीक्षण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है. इसी कड़ी में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने 28 से 30 जनवरी 2026 तक राजस्थान का तीन दिवसीय भ्रमण किया. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अन्य राज्यों की सफल योजनाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार लागू करना है।
भ्रमण के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जयपुर स्थित सर्किट हाउस में राजस्थान के प्रमुख सचिव एवं निदेशक स्तर के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे। जिनमें राजस्थान में संचालित दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की कार्यप्रणाली और लाभार्थी चयन प्रक्रिया की समीक्षा की गई। कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और पुनर्वास से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश और राजस्थान की योजनाओं के बीच तुलनात्मक अध्ययन किया गया ताकि यूपी के मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मंत्री कश्यप ने जयपुर स्थित सुप्रसिद्ध ‘भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति’ का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने वहां दिव्यांगजनों को दी जाने वाली उच्च गुणवत्ता वाली पुनर्वास सेवाओं और कृत्रिम अंगों के निर्माण की व्यवस्था को देखा. उन्होंने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने वाली एक जीवंत मिसाल है।
शिष्टाचार भेंट एवं संसदीय चर्चा
अपने प्रवास के दौरान उन्होंने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से भी शिष्टाचार भेंट की. इस मुलाकात में विधानसभा की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्पष्ट किया कि राजस्थान भ्रमण से प्राप्त अनुभवों और तकनीकी नवाचारों के आधार पर उत्तर प्रदेश में एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक दिव्यांग नागरिक को अधिक समावेशी सुविधाएं देना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।

