धुनों की लहरों और सैन्य गौरव के साथ ‘बीटिंग द रिट्रीट’ संपन्न: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया विजेताओं को सम्मानित

Prashant

January 30, 2026

समारोह की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रहीं

आयोजन शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स में भव्यता व गौरव के साथ हुआ

लखनऊ। गणतंत्र दिवस 2026 के समारोहों की औपचारिक परिसमाप्ति (बीटिंग द रिट्रीट) का आयोजन शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स में अत्यंत भव्यता और गौरव के साथ किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रहीं।

समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न सैन्य और अर्धसैनिक बलों के बैंडों का शानदार प्रदर्शन रहा। मिलिट्री और पुलिस बैंडों ने अपनी सुरीली देशभक्ति की धुनों और कदमताल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया:

मिलिट्री बैंड ने 3 स्टाइल, आर्मी पाइप बैंड ने 6 स्टाइल और होमगार्ड केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान के बैंड ने 3 स्टाइल में प्रदर्शन किया।32वीं बटालियन पीएसी के पाइप बैंड और 35वीं बटालियन पीएसी के ब्रास बैंड ने क्रमशः 4-4 शैलियों में अपनी प्रतिभा दिखाई। राजभवन स्कूल ब्रास बैंड और होमगार्ड मुख्यालय के बैंड ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में ‘मास बैंड’ द्वारा 5 अलग-अलग देशभक्ति धुनों पर सामूहिक प्रदर्शन किया गया, जो कार्यक्रम का चरमोत्कर्ष रहा।

सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग और बैंड टुकड़ियाँ सम्मानित

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में अपने अनुशासन, वेशभूषा की एकरूपता और धुनों के सटीक प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ चुनी गई टुकड़ियों को राज्यपाल महोदया द्वारा सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार खिलाड़ियों और जवानों के कड़े परिश्रम और तालमेल का प्रतिफल था।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामय उपस्थिति

इस अवसर पर सुरक्षा और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से राजीव कृष्ण (पुलिस महानिदेशक), विजय विश्वास पंत (मण्डलायुक्त), विशाख जी. (जिलाधिकारी), अमरेंद्र कुमार सेंगर (पुलिस आयुक्त) एवं बबलू कुमार (संयुक्त पुलिस आयुक्त) मौजूद रहे।

क्या है ‘बीटिंग द रिट्रीट’?

यह एक सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है, जो गणतंत्र दिवस के आयोजनों की समाप्ति का प्रतीक है। यह वह समय होता है जब सैनिक युद्ध के मैदान से अपनी बैरकों में वापस लौटते हैं और झंडे को सम्मान के साथ उतारा जाता है। लखनऊ में यह आयोजन न केवल सैन्य परंपरा बल्कि नागरिक और पुलिस प्रशासन के बेहतर समन्वय का भी गवाह बना।

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