हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत; शंकराचार्य और पुलिस के बीच तीखी झड़प
रथ और समर्थकों के साथ संगम जाने पर अड़े शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद; प्रशासन ने रोका
प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग के संगम तट पर आस्था का ऐतिहासिक जनसमूह उमड़ा। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद देश-दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, रविवार दोपहर 12 बजे तक 3 करोड़ 15 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे। इस दौरान योगी सरकार के निर्देश पर हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
शंकराचार्य और प्रशासन के बीच तनाव
जहाँ एक ओर करोड़ों लोग शांतिपूर्ण स्नान कर रहे थे, वहीं ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद से माहौल तनावपूर्ण हो गया। शंकराचार्य अपने रथ और करीब 200 अनुयायियों के साथ ‘संगम नोज’ तक जाने की जिद पर अड़े थे। प्रशासन ने भीड़ के अत्यधिक दबाव और भगदड़ की आशंका का हवाला देते हुए उनके रथ को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और डीएम मनीष वर्मा ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य बिना किसी पूर्व अनुमति के रथ और पालकी के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
अधिकारियों का आरोप है कि शंकराचार्य के समर्थकों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और बैरिकेड्स तोड़ दिए। प्रशासन के अनुसार, वापसी का रास्ता करीब 3 घंटे तक बाधित रहा, जिससे आम श्रद्धालुओं को भारी असुविधा हुई। प्रशासन ने कहा कि संगम पर हर श्रद्धालु बराबर है और परंपरा के विरुद्ध किसी को भी विशेष अनुमति नहीं दी जा सकती।
शंकराचार्य का स्नान से इनकार
पुलिस की कार्रवाई से नाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम स्नान करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ आए साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की है। उन्होंने कहा, “मेरी आंखों के सामने संतों को पीटा गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” काफी मान-मनौव्वल के बाद भी वे नहीं माने और बिना स्नान किए अपने आश्रम लौट गए।
करोड़ों की भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के बाद उपद्रव करने वालों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

