रामलला के दर्शन को उमड़े ढाई लाख भक्त; हनुमानगढ़ी में लगी 500 मीटर लंबी कतार
शीतलहरी भी नतमस्तक; प्रशासन ने रामपथ की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए की आरक्षित
अयोध्या। भगवान श्री राम जी की रामनगरी में उमड़ा आस्था का समंदर: मौनी अमावस्या पर 5 लाख भक्तों ने सरयू में किया पुण्य स्नान। रामलला के दरबार में भारी भीड़: 2.5 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मत्था, हनुमानगढ़ी तक लगी लंबी कतारें। शीतलहरी पर भारी पड़ी श्रद्धा: प्रशासन ने संभाला मोर्चा, रामपथ की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित।
मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आज धर्मनगरी अयोध्या में अटूट आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हाड़ कंपाने वाली ठंड और भीषण शीतलहरी के बावजूद श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। ब्रह्ममुहूर्त में तड़के 4 बजे से ही सरयू के तट ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठे और पवित्र स्नान का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह दिन ढलने तक अनवरत चलता रहा।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, आज लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने पावन सरयू में डुबकी लगाई और अपनी सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान के बाद मंदिरों की ओर भक्तों का ऐसा रेला उमड़ा कि पूरी अयोध्या राममय नजर आई।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर: रामलला के दर्शन के लिए सुबह 5 बजे से ही भक्तों का तांता लग गया। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए और पांच कतारों में व्यवस्थित कर लगभग 2.5 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। हनुमानगढ़ी: बजरंगबली के दर्शन के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह दिखा, जहाँ करीब 500 मीटर लंबी कतार में लगकर लोगों ने अपनी बारी का इंतजार किया।
अत्यधिक भीड़ को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए रामपथ की एक पूरी लेन को पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित कर दिया गया। उदया चौराहे से चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। धर्मपथ पर बैरिकेडिंग और सख्ती के कारण रविवार को वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे स्थानीय निवासियों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को जाम का सामना करना पड़ा।
पूरे मेला क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से नजर रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था में भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया। प्रयागराज माघ मेले में डुबकी लगाने के बाद रविवार शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने के कारण अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिसे संभालने के लिए प्रशासन पूरी रात अलर्ट मोड पर रहा।

