मुख्य न्यायाधीश ने कहा— यूपी देश के लिए बनेगा बेंचमार्क
कार्यक्रम में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई
लखनऊ। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकान्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में जनपद चन्दौली में एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। यह शिलान्यास चन्दौली में भौतिक रूप से तथा महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 10 इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में से 6 का शिलान्यास किया जा रहा है। यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण (बेंचमार्क) बनेगी। उन्होंने कहा कि ये कोर्ट कॉम्प्लेक्स आने वाले 50 वर्षों तक न्यायिक आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा करेंगे।
न्यायमूर्ति सूर्यकान्त ने कहा कि इन परिसरों में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए आधुनिक और समग्र सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे एक्सेस टू जस्टिस की अवधारणा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना आवश्यक है और इसके लिए मजबूत न्यायिक अवसंरचना अनिवार्य है। प्रदेश सरकार न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मुख्य न्यायाधीश के सुझावों के अनुरूप प्रदेश में न्यायपालिका के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। काशी विश्वनाथ और बाबा कीनानाथ की पावन धरती चन्दौली सहित छह जनपदों में एक साथ यह पहल ऐतिहासिक है।
उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं होंगी। जिनमें अधिवक्ताओं के लिए चेम्बर, पार्किंग, कैन्टीन, खेल परिसर सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि शिलान्यास के बाद एल एंड टी जैसी विश्वविख्यात संस्था द्वारा शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। शेष 4 जनपदों में भी आगामी कुछ महीनों में औपचारिकताएं पूर्ण कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
कार्यक्रम में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय व विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, अधिवक्तागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

