मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन, छाए उत्तराखंड के सांस्कृतिक रंग
शोभायात्रा नंदा राजजात यात्रा पं. गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन
लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग–2026 का भव्य शुभारंभ बुधवार को महानगर रामलीला मैदान से निकली शोभायात्रा के साथ हुआ। यह आयोजन पर्वतीय महापरिषद की रजत जयंती के रूप में मनाया जा रहा है।
दोपहर दो बजे प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा में गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सांस्कृतिक दलों के साथ भारतीय भूतपूर्व सैनिकों और उत्तराखंड के प्रसिद्ध छोलिया नृत्य दल ने सहभागिता की। लखनऊ के कल्याणपुर, गोमतीनगर, सरोजनीनगर, सीतापुर रोड, तेलीबाग सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सांस्कृतिक दलों ने यात्रा को भव्य स्वरूप दिया।
उत्तराखंडी ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की धुन पर रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे महिला-पुरुषों ने पूरे मार्ग को लोकपर्व में बदल दिया। शोभायात्रा नंदा राजजात यात्रा की झांकी के साथ गोल मार्केट चौराहा, निशातगंज, बादशाहनगर, खाटू श्याम मंदिर होते हुए सायं पांच बजे पं. गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन (कौथिग स्थल) पहुंची।
सामाजिक कार्यों की झलकियां रहीं विशेष
शोभायात्रा में उत्तराखंड के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सामाजिक कार्यों, महाकुंभ प्रयागराज–2025 में वरिष्ठ नागरिकों की सेवा, तथा 2013 की उत्तराखंड आपदा में राहत कार्यों को दर्शाती झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
मंत्रोच्चार व मंगल गीतों से हुआ स्वागत
कौथिग स्थल पहुंचने पर धार्मिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष पं. नारायण दत्त पाठक एवं अन्य पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चार से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। महिलाओं ने शगुन आखर एवं मंगल गीत गाकर देवी-देवताओं से कौथिग की सफलता की कामना की।
मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
सायंकालीन सत्र में मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर उत्तरायणी कौथिग–2026 का विधिवत उद्घाटन किया। उनका स्वागत महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्य संयोजक टी.एस. मनराल, संयोजक के.एन. चंदोला, अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी एवं महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। इस अवसर पर उत्तरायणी कौथिग–2026 पर्वत गौरव सम्मान महापौर सुषमा खर्कवाल को उनके संघर्षशील जीवन और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक नीरज चुफाल ने “हो कलम शुरू…” सहित कई लोकगीतों की प्रस्तुति दी। गोमती नगर शाखा द्वारा नंदा राजजात यात्रा पर आधारित नृत्य-नाट्य तथा धारचूला (पिथौरागढ़) के कलाकारों द्वारा जौनसार क्षेत्र के प्रसिद्ध नृत्य की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में पर्वतीय महापरिषद की पूरी टीम—पदाधिकारियों, सलाहकारों, मीडिया प्रभारियों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरायणी, मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष और पर्वतीय महापरिषद की रजत जयंती का एक साथ मनाया जाना सुखद संयोग है। उन्होंने कौथिग में लगे उत्तराखंडी उत्पादों के स्टॉल की सराहना करते हुए कहा कि यहां का वातावरण उन्हें उत्तराखंड के किसी पारंपरिक कौतिक की अनुभूति करा रहा है।

