लखनऊ विश्वविद्यालय में 21 पुस्तकों का उच्च शिक्षा मंत्री ने किया विमोचन

Prashant

January 12, 2026

नैतिक मूल्यों व भारतीय ज्ञान परंपरा से ही शिक्षा समाज को दे सकती है दिशा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 भारत के बौद्धिक पुनर्जागरण का आधार

लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। केवल डिग्री आधारित शिक्षा से समग्र विकास संभव नहीं है, बल्कि शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करना होना चाहिए।

उच्च शिक्षा मंत्री लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की। पुस्तकों का प्रकाशन विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है। उन्होंने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को आज वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है।

कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ़ करेंगी और विद्यार्थियों के बौद्धिक, संज्ञानात्मक एवं नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एक सार्थक पहल बताया। भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने बताया कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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