नोटिस के अनुसार पुलिस के सामने पेश हुईं लोक गायिका नेहा राठौर
हजरतगंज थाने से बाहर बोलीं नेहा राठौर ने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करूंगी
लखनऊ। शनिवार रात लखनऊ के हजरतगंज थाना परिसर में उस समय हलचल मच गई, जब एक्टिविस्ट और लोक गायिका नेहा सिंह राठौर अपने पति हिमांशु सिंह के साथ अपने खिलाफ दर्ज FIR के सिलसिले में बयान दर्ज कराने अचानक थाने पहुंचीं। उनके पहुंचते ही पुलिस अधिकारियों के साथ मीडियाकर्मी भी मौके पर जमा हो गए।
नेहा राठौर रात करीब 9.30 बजे हजरतगंज थाने पहुंचीं, जहां केस के विवेचक (IO) ने उनका बयान दर्ज किया। हजरतगंज के एसीपी विकास जायसवाल ने बताया कि राठौर स्वेच्छा से थाने आई थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत रात में किसी महिला का बयान दर्ज न किए जाने का कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा दिन में बुलाया जा सकता है।
यह FIR इस साल अप्रैल में नेहा राठौर के एक गीत और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इन पोस्ट्स के जरिए प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए गए। साथ ही यह भी आरोप है कि उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों से समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ने और देश की एकता को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हजरतगंज थाने में अलग से शिकायत मिलने पर FIR दर्ज की गई थी। करीब 15 दिन पहले नेहा राठौर को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिस पर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए समय मांगा था। इसके बाद शुक्रवार को दूसरा नोटिस जारी किया गया, जिसे उनके आवास पर चस्पा किया गया। थाने के बाहर पत्रकारों से बातचीत में नेहा राठौर के पति हिमांशु सिंह ने कहा कि दूसरे नोटिस के बाद उन्होंने पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का फैसला किया।

पीएम की आलोचना करने पर FIR नहीं होनी चाहिए: नेहा राठौर
लखनऊ। हजरतगंज पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में लोक गायिका और एक्टिविस्ट नेहा सिंह राठौर ने कहा कि वह अपने आवास पर चस्पा किए गए नोटिस के अनुसार पुलिस के सामने पेश हुई थीं और जांच में पूरा सहयोग करेंगी। नेहा राठौर ने स्पष्ट किया कि वह किसी बहस या संवाद के उद्देश्य से थाने नहीं आई थीं। उन्होंने कहा, “मैं किसी बातचीत के लिए नहीं आई थी। अलग-अलग पुलिस थानों की ओर से नोटिस चिपकाए गए थे, जिनमें मुझे जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
उसी के अनुपालन में मैं यहां आई हूं।” अपने खिलाफ दर्ज FIR और लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौर ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना को अपराध नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री की आलोचना करने पर FIR नहीं होनी चाहिए। किसी को देशद्रोही कहना या उसके साथ दुर्व्यवहार करना सही नहीं है। प्रधानमंत्री स्वयं कहते हैं कि आलोचना का स्वागत किया जाना चाहिए।” राठौर ने दोहराया कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करती हैं और आगे भी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करती रहेंगी।

