यूपी बीजेपी चीफ पंकज चौधरी खास क्षेत्रों में संगठनात्मक समीक्षा तेज करेंगे
पंचायत और 2027 चुनाव से पहले BJP संगठन पर पंकज चौधरी की पैनी नजर
लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्र में संगठनात्मक समीक्षा शुरू करने के बाद नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी अब राज्य के शेष चार प्रमुख क्षेत्रों—गोरखपुर, काशी, अवध और बुंदेलखंड—में पार्टी संगठन का गहन आकलन करेंगे। यह पहल आगामी पंचायत चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती और संभावित बदलावों की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पंकज चौधरी 5 जनवरी को गोरखपुर क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे, जिसमें उनका गृह जनपद महाराजगंज भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान होने वाली बैठकों में गोरखपुर क्षेत्र के 10 जिलों के जिला अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर क्षेत्र में कुल 62 विधानसभा और 12 लोकसभा सीटें हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष से जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठनात्मक ढांचे की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने की उम्मीद है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर क्षेत्र भाजपा के हिंदुत्व कोर और संगठनात्मक अनुशासन का केंद्र रहा है। यहां से मिलने वाला फीडबैक पार्टी संगठन और योगी सरकार के बीच कार्य संबंधों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाएगा।
जिला, मंडल और बूथ स्तर पर फोकस पंकज चौधरी की माइक्रो-लेवल मैनेजमेंट रणनीति और कैडर आधारित संगठनात्मक मॉडल को दर्शाता है। सूत्रों का कहना है कि बैठकों में जिला अध्यक्षों की अनिवार्य मौजूदगी यह संकेत देती है कि जवाबदेही शीर्ष स्तर से तय होगी, जिससे समयबद्ध और प्रदर्शन आधारित संगठनात्मक फेरबदल संभव है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का अगला दौरा 8 जनवरी को काशी क्षेत्र में प्रस्तावित है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी भी शामिल है। काशी क्षेत्र में 16 संगठनात्मक जिले, 71 विधानसभा सीटें और 14 लोकसभा क्षेत्र आते हैं।
काशी दौरा प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोदी का गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ काशी हाल के वर्षों में भाजपा की ‘पॉलिटिकल लैबोरेटरी’ के रूप में उभरा है, जहां विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का संयुक्त राजनीतिक मॉडल तैयार हुआ है। इसके बाद पंकज चौधरी 10 या 11 जनवरी को लखनऊ पहुंचकर अवध क्षेत्र के संगठनात्मक हालात की समीक्षा करेंगे।

