बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर ऊर्जा मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

Anoop

January 2, 2026

पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर तानाशाही के आरोप, आउटसोर्स कर्मी 12 जनवरी को देंगे ज्ञापन

वेतन, छंटनी और ईपीएफ मुद्दे पर लामबंद बिजली आउटसोर्स कर्मचारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ, लखनऊ की बैठक संगठन के कैंप कार्यालय, एवररेडी चौराहा के निकट आयोजित की गई। बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रति तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने ही आदेश दिनांक 15 मई 2017 का उल्लंघन करते हुए कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है तथा 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर उन्हें कार्य से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही अपने ही आदेश दिनांक 18 सितंबर 2025 का पालन न करते हुए कार्य के अनुरूप अनुबंध नहीं किया जा रहा है और वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित नहीं किया गया है।

संघ ने आरोप लगाया कि दुर्घटनाओं में घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज नहीं कराया जा रहा है और उपचार में खर्च की गई धनराशि का भुगतान भी संविदाकारों के बिल से काटकर नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ईपीएफ घोटाले की जांच रिपोर्ट के बावजूद भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान न करना, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश न लगना तथा स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से हटाए जाने जैसे मुद्दों पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया।

बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन द्वारा लगातार समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन समस्याओं पर विचार करने के बजाय लगातार अनदेखी कर रहा है। इसे देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 जनवरी 2026 को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आने वाले बिजली आउटसोर्स कर्मचारी लखनऊ में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा।

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