अयोध्या सामाजिक उत्थान के नए और प्रेरक अध्याय की साक्षी बन रही है : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या, जो सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक ऊर्जा और लोकमंगल की त्रिवेणी है
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनपद अयोध्या स्थित श्री गणपति सच्चिदानन्द आश्रम की 104वीं शाखा का यज्ञ में आहुति देकर विधिवत शुभारम्भ किया तथा मंच पर विराजमान रामदरबार की प्रतिमाओं का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी श्री गणपति सच्चिदानन्द स्वामी जी द्वारा स्थापित यह आध्यात्मिक एवं सामाजिक पीठ भगवान दत्तात्रेय के दिव्य सिद्धांतों पर आधारित है, जो आध्यात्मिक साधना के साथ मानव सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त केंद्र बनकर कार्य कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या, जो सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक ऊर्जा और लोकमंगल की त्रिवेणी है, आज सामाजिक उत्थान के एक नए और प्रेरक अध्याय की साक्षी बन रही है। राजभवन की पहल से जनपद अयोध्या में अनेक परिवर्तनकारी कार्य किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि मातृशक्ति और बालशक्ति के सशक्तीकरण को केंद्र में रखते हुए अयोध्या जनपद में अब तक लगभग 2400 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया जा चुका है, जिससे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पूर्णतः संतृप्त हो गए हैं। पूर्व में अयोध्या धाम क्षेत्र में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं था, किंतु अब 70 नवसृजित आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 144 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र, 338 को गैस कनेक्शन तथा 333 केंद्रों के लिए आवश्यक बर्तनों का वितरण किया गया है। प्रदेशभर में अब तक 1 अरब 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 50 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया जा चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजभवन की पहल से भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर उन्मुख बच्चों को अवसर प्रदान किए गए, जिन्होंने अल्पकालिक प्रशिक्षण के बाद गणतंत्र दिवस परेड की बैंड प्रतियोगिता में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्राथमिक विद्यालय राजभवन को कक्षा 12 तक विस्तारित कर स्मार्ट क्लास, स्मार्ट लैब, रोबोटिक और कंप्यूटर प्रशिक्षण से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि राजभवन की पहल पर विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में स्मार्ट क्लास स्थापित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा के नए द्वार खुल रहे हैं। यह प्रयास शिक्षा में समानता और समावेशन को सशक्त कर रहा है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से 40 हजार से अधिक बेटियों का टीकाकरण किया जा चुका है।

