प्रदेशभर से डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंचे, दो हजार से ज्यादा बसों की तैनाती से लगा ‘बसों का मेला’
दो लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान, शहर को सजाया-संवारा गया, आयोजन स्थल बना आकर्षण
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसंतकुंज योजना स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। साथ ही इन महान विभूतियों के जीवन और विचारों को सहेजने वाले संग्रहालय का भी उद्घाटन किया गया। इस भव्य आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अनुमान है कि कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बसों से पहुंचे लोग, पार्किंग स्थलों पर दिखी लंबी कतारें
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आसपास के जिलों से करीब दो हजार सरकारी और निजी बसें राजधानी पहुंचीं। बसंतकुंज और उसके आसपास के इलाकों में बसों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे पूरा क्षेत्र बसों के मेले जैसा नजर आया। लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को सजाया गया। डिवाइडरों की सफाई कर रंगाई-पुताई की गई, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर स्ट्रीट लाइट पोलों पर रंगीन झालरें लगाई गईं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कर राजधानी को उत्सवमय रूप दिया गया। आयोजन स्थल की साज-सज्जा के लिए कई राज्यों से विशेष फूलदार पौधे मंगवाए गए।
13 पार्किंग स्थल बनाए गए, यातायात व्यवस्था रही चुनौती
भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने के लिए कुल 13 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए, जहां लगभग 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी की जा सकें। व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी पूरे समय मुस्तैद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से लेकर कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। भारी भीड़ के चलते कई मार्गों पर जाम की स्थिति भी बनी रही।

कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जेसीपी कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था में 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही तैनात रहे।

इसके अलावा 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ते, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एंटी माइन टीम और 14 एंटी सबोटाज टीमें भी सुरक्षा में लगी रहीं। कार्यक्रम में महिलाओं और परिवारों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। तस्वीरों में उमड़ती भीड़ और बसों की कतारें आयोजन की भव्यता और जनभागीदारी का स्पष्ट संकेत देती नजर आईं।

