किसान जब ठान लेता है, तो बड़ी उपलब्धि हासिल करता है : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
इस अवसर पर राज्यपाल प्रदेश के समस्त किसानों को किसान दिवस की शुभकामनाएँ दी
लखनऊ । प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किसान दिवस के अवसर पर राजभवन परिसर में तालाब में सीप अवतरण कर मोती की खेती (पर्ल फार्मिंग) परियोजना का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के समस्त किसानों को किसान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि देश की प्रगति किसानों की समृद्धि से जुड़ी है और कृषि में नवाचार ही किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।
राज्यपाल ने परियोजना स्थल पर मणि एग्रो हब प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा प्रदर्शित मोती सीप की सर्जरी प्रक्रिया का अवलोकन किया और इसे उपयोगी एवं नवाचार आधारित पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करती हैं और किसान दिवस के उद्देश्य को सार्थक बनाती हैं।
उन्होंने जनपद बलिया के प्रगतिशील किसान जे.पी. पांडेय का उदाहरण देते हुए बताया कि वैज्ञानिक ढंग से गिर नस्ल की गायों के पालन, दुग्ध उत्पादों के निर्माण और स्थानीय बाजार विकसित कर उन्होंने न केवल अच्छी आय अर्जित की, बल्कि सैकड़ों किसानों को प्रेरित भी किया। राज्यपाल ने कहा कि जब किसान ठान लेता है कि उसे कुछ करना है, तो वह बड़ी उपलब्धि हासिल करता है।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए परिश्रम के साथ सही सोच, प्रभावी प्रबंधन और विभागीय समन्वय आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजभवन में किए जाने वाले सभी कार्यों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, नियमित बैठकें करें और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कम समय व कम लागत में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने मणि एग्रो हब प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने राजभवन में निवासरत मेधावी बच्चों को सम्मानित किए जाने पर बल दिया।
इस अवसर पर मणि एग्रो हब के निदेशक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि मोती की खेती एक वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभकारी कृषि उद्यम है। लगभग 2000 वर्ग फीट के तालाब में 10 हजार सीपों की खेती से 18 माह में औसतन 8.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय संभव है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत मोती की खेती पर 50 प्रतिशत तक अनुदान भी उपलब्ध है। कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी (राज्यपाल) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

