उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा 76 करोड़ रुपये का लाभांश ऑनलाइन वितरित
केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को प्रमाण पत्र
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी है। सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को साकार करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। युवा सहकारिता आंदोलन के भविष्य के शिल्पी हैं और उन्हें इस दिशा में स्वयं को तैयार करना होगा। यह सम्मेलन प्रदेश की समृद्धि और सामूहिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री आज यहां ‘युवा सहकार सम्मेलन–2025’ एवं ‘यू.पी. कोऑपरेटिव एक्सपो’ के शुभारम्भ के पश्चात कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। सहकारिता विभाग की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सहभागिता के माध्यम से समृद्धि का नया सोपान स्थापित करने के लिए केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया। अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को नई ऊँचाई मिली है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। राष्ट्रीय सहकारिता नीति–2025 का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। देश में लगभग 8 लाख 44 हजार सहकारी समितियां हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों से सहकारिता क्षेत्र में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। एम. पैक्स के माध्यम से सदस्यता विस्तार और सहकारी बैंकों के आधुनिकीकरण ने आंदोलन को मजबूती दी है। कार्यक्रम को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु तथा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

