श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत में कोई कमी न हो : मुख्यमंत्री
खिचड़ी मेले, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों व जनपद में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मकर संक्रांति पर श्री गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले, गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों तथा जनपद में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ के दर्शन एवं खिचड़ी अर्पण के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ खिचड़ी मेले की तैयारियों के लिए रिहर्सल का अवसर है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं पूरी सतर्कता के साथ सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने 11 से 13 जनवरी, 2026 तक आयोजित होने वाले गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि महोत्सव में पारम्परिक व स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर दिया जाए तथा उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने महोत्सव से जुड़े शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि गोरखपुर महोत्सव में प्रत्येक सेक्टर के विकास, योजनाओं एवं उपलब्धियों पर गोष्ठियों का आयोजन किया जाए।
नववर्ष और 31 दिसंबर को रामगढ़ताल क्षेत्र में संभावित भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी अराजक तत्व सक्रिय न हो सके। साथ ही रामगढ़ताल क्षेत्र में पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था कर उसका व्यापक प्रचार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सड़क पर वाहन खड़े न होने पाएं।
मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विरासत गलियारे के कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रभावित दुकानदारों का नगर निगम एवं गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए।
मुख्यमंत्री ने शीतलहर को देखते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

