प्रदेश के किसान अब योजनाओं का लाभ सीधे अपने खेत में पाएंगे
किसान की प्रगति से प्रदेश और देश की प्रगति संभव होगी
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित ‘प्रगतिशील किसान सम्मेलन: खेती की बात खेत पर’ एवं किसान पाठशाला के 8वें संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के पद्मश्री प्रगतिशील किसान राम सरन वर्मा और अन्य किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार योजनाओं का लाभ लखनऊ सचिवालय में बैठकर नहीं बल्कि सीधे किसानों के खेत में जाकर देगी। उन्होंने कहा, “किसान प्रगति करेगा, तो प्रदेश प्रगति करेगा और प्रदेश प्रगति करेगा तो देश भी प्रगति करेगा।” उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश के हर नागरिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास को देखा है। उत्तर प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन, उर्वरा भूमि और बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण कृषि में प्रदेश देश में अग्रणी बन गया है। प्रदेश में किसानों को पिछले आठ वर्षों से एमएसपी का लाभ, फसल बीमा और स्वॉयल हेल्थ कार्ड जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर किया जा रहा है। कृषि मंडियों और गांवों तक सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया है, ताकि किसान अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसान बीज से बाजार तक पूरी प्रक्रिया में शामिल हो सकता है। बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी गई है। प्रदेश में किसानों को प्राकृतिक खेती, स्वॉयल टेस्टिंग और खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डबल इंजन सरकार ने किसानों को नई तकनीक से जोड़ने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जैसे ओडीओपी योजना, बीसी सखी, ड्रोन दीदियां। इसके जरिए स्थानीय रोजगार और कृषि में तकनीकी सहायता उपलब्ध हो रही है। प्रदेश के 9 जलवायु क्षेत्रों के अनुसार किसानों को तकनीक और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है। आलू, केला, फल और सब्जियों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे आगे है। इसके अलावा किसानों को फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी जैसी सुविधाओं के जरिए बाजार तक सीधे जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रगतिशील किसान राम सरन वर्मा के मॉडल की भी सराहना की। वर्मा ने कम लागत में उच्च उत्पादन करके किसानों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि इसी तरह तकनीक अपनाकर और मेहनत कर वे भी अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि देश और प्रदेश की समृद्धि किसानों की सफलता पर निर्भर है।

