उच्च न्यायालय लखनऊ ने डिग्रीधारक अभ्यर्थियों की याचिकाएँ खारिज की
उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ व बेरोजगार डिप्लोमा होल्डर अभ्यर्थियों ने किया था विरोध
लखनऊ। उप्र के विभिन्न अभियंत्रण विभागों में जूनियर इंजीनियर के 4612 पदों पर अब केवल डिप्लोमाधारक अभ्यर्थी ही चयनित होंगे। यह निर्णय मा० उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ की डिवीजन बेन्च से सुनाया गया। अदालत ने डिग्रीधारक अभ्यर्थियों ने योजित दो रिट याचिकाओं को डिसमिस कर दिया और पूर्व में दिए गए सभी अंतरिम आदेश को निष्प्रभावी करार दिया।
उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ मीडिया प्रभारी इंजी. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया मीडिया प्रभारी ने बताया कि डिग्रीधारक अभ्यर्थियों की जूनियर इंजीनियर पद पर आवेदन की मांग खारिज।, सर्वोच्च न्यायालय से लम्बित याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए उच्च न्यायालय अधिकृत था। उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों के अधिवक्ताओं को विस्तार से सुनने के बाद निर्णय पारित किया। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ एवं बेरोजगार डिप्लोमा अभ्यर्थियों ने याचिकाओं का समर्थन किया।
उ०प्र० अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा 7 मार्च 2024 को विभिन्न अभियंत्रण विभागों में जूनियर इंजीनियर पदों की भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसे 24 जून 2024 को संशोधित किया गया। विज्ञापन के अनुसार आवेदन केवल डिप्लोमा होल्डर अभ्यर्थियों के लिए अधिकृत थे। डिग्रीधारक अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ याचिकाएँ दाखिल की थीं, जिन पर मा० उच्च न्यायालय ने अंतिम निर्णय सुनाया।

