मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैनिक स्कूल, गोरखपुर में जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण और प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया

Prashant

December 10, 2025
  • देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ की स्मृति को जीवंत रखने का प्रयास
  • देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि

लखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के सैनिक स्कूल में देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण और उनकी स्मृति में बने प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का पूरा जीवन राष्ट्र और पंचप्रण के लिए समर्पित रहा। सैनिक स्कूल का दायित्व है कि हर वर्ष 8 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत और देश के लिए शहादत देने वाले अन्य बलिदानियों की स्मृति का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और जीवन के उच्च आदर्शों को विकसित करने में सहायक होगा।

जनरल बिपिन रावत मेमोरियल फाउण्डेशन ने उनकी स्मृतियों को जीवंत रखा और वर्तमान पीढ़ी के सामने उनके योगदान को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीनों सेनाओं के प्रमुख के रूप में उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन सफल हुए और सेना में महत्वपूर्ण सुधार किए गए। उनके व्यक्तित्व में सहजता, सरलता और राष्ट्र के प्रति अगाध समर्पण था।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंचप्रणों का स्मरण करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी विरासत पर गर्व, आत्मनिर्भरता, सेना के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और कर्तव्यपरायणता का भाव अपनाना चाहिए। जनरल बिपिन रावत का जीवन इन पंचप्रणों का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश तभी महान होगा, जब नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहेंगे और समाज में एकता बनी रहेगी।

सैनिक स्कूल, गोरखपुर में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक खेल मैदान, शूटिंग रेंज, स्वीमिंग पूल, घुड़सवारी, योग कक्ष, मल्टीपरपज हॉल और विज्ञान लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्कूल में कुल 310 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, जिनमें 75 छात्राएँ और 235 छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल के माध्यम से कैडेट्स को सैन्य क्षेत्र में करियर बनाने और अनुशासन व नेतृत्व के गुण विकसित करने का अवसर मिलता है।

पंचप्रण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा से जुड़ा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, टीम वर्क और परिवार भाव से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो जाता है। जनरल बिपिन रावत की स्मृतियों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी दोनों पुत्रियाँ और मेमोरियल फाउण्डेशन विशेष रूप से सराहनीय हैं। उन्होंने महापुरुषों और वीरों के योगदान का स्मरण कर समाज में प्रेरणा और अनुशासन फैलाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) आर.के.एस. भदौरिया, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने समापन में कहा कि जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा और प्रेक्षागृह उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को सदैव जीवित रखेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *