होमगार्ड्स समाज की सुरक्षा की रीढ़, उनका अनुशासन और त्याग प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Anoop

December 6, 2025
  • 63वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली, राष्ट्रपति पदक विजेताओं को किया सम्मानित
  • 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया शुरू, जिलावार तैनाती को प्राथमिकता

लखनऊउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड्स के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अनुशासन, निष्ठा और त्याग हमारे समाज को सुरक्षित एवं संरक्षित बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज का विश्वास और प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। आपकी सेवा ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री आज उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स संगठन के 63वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया, परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां होमगार्ड्स के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया, जो विभाग की अद्भुत कार्यक्षमता, अनुशासन और अनवरत परिश्रम का प्रतीक है। सेरेमोनियल ड्रेस, परेड ग्राउंड की साज-सज्जा और हरियाली अत्यंत आकर्षक रही, जो पूरे समारोह की गरिमा को बढ़ा रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत के संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस भी है। बाबा साहब ने हमें सिखाया कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र या भाषा से नहीं, बल्कि एक भारतीय के रूप में होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आजादी के अमृत महोत्सव में पूरे देश से वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि कठिन परिश्रम और सेवाभाव के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवाओं के लिए 3 पदक, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 पदक तथा वर्ष 2025 में 3 पदक और भारत सरकार के 38 कमेंडेशन डिस्क से उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के अधिकारी-कर्मचारी अलंकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ-2025 को सकुशल संपन्न कराने में 14,000 से अधिक होमगार्ड्स जवानों ने उत्कृष्ट सेवाभाव का परिचय दिया, जिसकी देशभर में सराहना हुई। इसके अलावा यातायात व्यवस्था, डायल-112, चुनाव ड्यूटी, जेल सुरक्षा, परीक्षाओं की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में भी होमगार्ड्स की अहम भूमिका रही है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से 4,000 से अधिक होमगार्ड्स जवानों को “आपदा मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जिससे वे फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में राहत कार्यों में त्वरित मदद कर सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 41,424 होमगार्ड्स के रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विचार किया जा रहा है कि अभ्यर्थियों को उनके निवास जनपद में ही तैनाती को प्राथमिकता दी जाए। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि होमगार्ड्स विभाग अपने जवानों को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रस्ताव प्रस्तुत करे, जिसे प्रदेश सरकार आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 2871 दिवंगत होमगार्ड्स जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ 55 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया जा चुका है। दुर्घटना बीमा के तहत अब 35 से 40 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश सरकार ने होमगार्ड्स के दैनिक व प्रशिक्षण भत्तों में वृद्धि, तथा अंतरजनपदीय भत्ते को 4 गुना बढ़ाया है। स्वयंसेवकों के अच्छे टर्नआउट को देखते हुए अब 3,000 रुपये प्रति तीन वर्ष ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी शुरू की गई है।

भवन और आवास की व्यवस्था

वर्तमान में विभाग के 44 कार्यालय अपने भवनों में संचालित हैं। 9 नए कार्यालय भवनों तथा मुख्यालय परिसर में 11 बहुमंजिला आवासीय भवनों का निर्माण प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में होमगार्ड्स जवानों के लिए एक कमरा आरक्षित किया जाए, ताकि वे अपने कागजात और यूनिफॉर्म सुरक्षित रख सकें। कार्यक्रम को होमगार्ड्स व नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रमुख सचिव होमगार्ड्स राजेश कुमार सिंह, कमांडेंट जनरल एम. के. बशाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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