डीसीपी शशांक सिंह ने किया उद्घाटन, साइबर क्राइम पर विशेष कार्यशाला की घोषणा
स्वयंसेवकों को सिविल डिफेन्स के इतिहास व भूमिका की दी विस्तृत जानकारी
लखनऊ। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान के मून हाल में संचालित नागरिक सुरक्षा संगठन के वार्डेन क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय बैच का शुभारम्भ आज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शशांक सिंह, आईपीएस, डीसीपी पूर्वी, लखनऊ कमिश्नरेट द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। चीफ वार्डेन ने मुख्य अतिथि को अंग-वस्त्र, पुष्प-गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि शशांक सिंह ने प्रथम बैच के प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण अंशों का अवलोकन किया तथा सभी प्रशिक्षु स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पुलिस प्रशासन के सहयोग में सदैव तत्पर रहने वाले नागरिक सुरक्षा संगठन के कार्यों की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और क्षमता वर्धन पर विशेष बल देते हुए सभी बैचों में “साइबर क्राइम” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित किए जाने की घोषणा की तथा इसके लिए योग्य विशेषज्ञ उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। चीफ वार्डेन श्री अमरनाथ मिश्र ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रथम कक्षा में चीफ वार्डेन द्वारा स्वयंसेवकों को सिविल डिफेन्स का महत्व, स्थापना का इतिहास, कार्यक्षेत्र एवं कार्यक्षमता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि भारत में 6 दिसम्बर 1962 को सिविल डिफेन्स की स्थापना की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत 1931 में फ्रांस में “एपीएफ” (Air Precaution Force) के रूप में हुई। बाद में यह ब्रिटेन (1941), आयरलैंड (1951) सहित अन्य देशों में भी अपनाई गई। भारत में प्रारम्भ में इसे ए.आर.पी. (Air Raid Precautions) के नाम से जाना गया।
वर्तमान समय में सिविल डिफेन्स का कार्यक्षेत्र अत्यधिक विस्तृत हो चुका है, जिसमें आपदा प्रबंधन, सामाजिक दायित्व, आपातकालीन सेवाएं एवं जनहित से जुड़े विभिन्न कार्य सम्मिलित हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्र, स्टाफ अफसर ऋतुराज रस्तोगी, डिवीजन वार्डेन मोहम्मद नफीस, रामगोपाल, उपनियंत्रक रविन्द्र कुमार, सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा, ऋषि कुमार, ममता रानी, मुकेश कुमार, रेखा जी सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

