बाड़ों में बिछाया गया पुआल, लगाए गए हीटर और चटाई, बंदरों को दिए गए कंबल
वन्य जीवों के आहार में हुआ बदलाव, विटामिन व मिनरल्स की मात्रा भी दी जा रही
लखनऊ। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ में सर्दी के मौसम को देखते हुए वन्य जीवों को ठंड से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वन्य जीवों के बैठने, लेटने और आराम करने के लिए जमीन पर पुआल, घास और लकड़ी के तख्त बिछाए गए हैं। ठंडी हवा और ओस से बचाव के लिए बाड़ों पर तिरपाल, शीट और चटाई लगाई गई है। विशेष रूप से पक्षियों के बाड़ों में छतों पर शीट और चटाई की व्यवस्था की गई है।
शीत ऋतु में धूप की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराई गई है, ताकि सभी वन्य जीवों को पर्याप्त धूप मिल सके। बाड़ों के कमरों को गर्म रखने के लिए उल्लू घर, मछली घर, बाघ, बब्बर शेर, सिंह पूंछ बंदर, चिम्पेन्जी आदि के बाड़ों में हीटर लगाए गए हैं। चिम्पेन्जी और अन्य बंदरों को कंबल भी दिए गए हैं। साँपों के लिए विशेष रूप से हीटर, पुआल और कंबल की व्यवस्था की गई है।
बाड़ों में समय-समय पर ताजा पानी छोड़ा जा रहा
निदेशक, प्राणी उद्यान लखनऊ अदिति शर्मा ने बताया कि मांसाहारी और शाकाहारी वन्य जीवों के भोजन में मौसम के अनुसार आवश्यक परिवर्तन किया गया है। हिप्पो, घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुआ जैसे जलीय जीवों को सर्दी से बचाने के लिए उनके बाड़ों में समय-समय पर ताजा पानी छोड़ा जा रहा है। जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ उत्कर्ष शुक्ल ने बताया कि इसके साथ ही, वन्य जीवों को अतिरिक्त विटामिन और मिनरल्स भी दिए जा रहे हैं। प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सालय में सर्दी से प्रभावित वन्य जीवों के लिए आकस्मिक चिकित्सा की भी पूरी व्यवस्था की गई है।

