- खेल युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करता है : योगी आदित्यनाथ
- ओलम्पिक पदक विजेताओं को मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल और खेल संस्कृति युवाओं को अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ती है। खेल सिखाता है कि सफलता सामूहिक प्रयास से मिलती है। उन्होंने यह बात जनपद गोरखपुर में आयोजित ब्रह्मलीन परमपूज्य महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज सप्तम अखिल भारतीय प्राइजमनी पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता–2025 के पुरस्कार वितरण समारोह में कही।
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता की विजेता उत्तर प्रदेश टीम को ₹2 लाख का चेक व ट्रॉफी तथा उपविजेता पूर्वोत्तर रेलवे टीम को ₹1 लाख का चेक व ट्रॉफी प्रदान की। तृतीय स्थान पर रही हरियाणा और चतुर्थ स्थान पर रही आंध्र प्रदेश की टीम को ₹50-50 हजार रुपये के चेक व ट्रॉफी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है और आज भारत के खिलाड़ी ओलम्पिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। कबड्डी जैसे खेल युवाओं में ऊर्जा, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर कमिश्नरी मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज, हर जिला मुख्यालय पर स्टेडियम और हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम के निर्माण को लेकर तेजी से काम कर रही है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का पहला सत्र भी इसी वर्ष प्रारम्भ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलम्पिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ या वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में समायोजित किया जा चुका है। साथ ही प्रतियोगिता में जाने वाले खिलाड़ियों की अनुपस्थिति को भी सरकारी सेवा का हिस्सा माना जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ला, महेन्द्र पाल सिंह, खेल सचिव सुहास एल.वाई. सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

