2027 विश्वकप के लिए विराट अब भी मजबूत दावेदार: कोच राजकुमार शर्मा

Anoop

December 3, 2025
  • शानदार फॉर्म और जबरदस्त फिटनेस ने बढ़ाई उम्मीदें
  • 37 की उम्र में भी युवाओं जैसी फुर्ती और जोश बरकरार

लखनऊ। विराट कोहली के पूर्व कोच राजकुमार शर्मा का लखनऊ की मीडिया ने भव्य स्वागत व सम्मान किया। वह लखनऊ स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट असोसिएशन की ओर से आयोजित एक स्वागत समारोह में वे मीडिया से रूबरू हुए। कार्यक्रम में शहर के पत्रकारों, खेल प्रेमियों और क्रिकेट जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हुए। लखनऊ में खेली जा रही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में असम टीम के बतौर मेंटर आए थे। समारोह के दौरान राजकुमार शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान और विराट कोहली जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी को तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया। राजकुमार शर्मा ने कहा कि ने विराट कोहली 2027 वनडे विश्वकप के लिए आज भी पूरी तरह फिट और मजबूत दावेदार हैं। विराट की मौजूदा बल्लेबाजी और शारीरिक फिटनेस यह साफ दर्शाती है कि वह अभी भी बड़े टूर्नामेंट खेलने की पूरी क्षमता रखते हैं। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी शतकीय पारी ने उनकी बेहतरीन फॉर्म पर एक बार फिर मुहर लगाई है।

राजकुमार शर्मा ने कहा कि विराट भले ही वनडे और टी-20 विश्वकप जीत चुके हों, लेकिन एक शीर्ष खिलाड़ी के रूप में उनके भीतर फिर से विश्वकप जीतने की प्रबल इच्छा आज भी मौजूद है। 37 वर्ष की उम्र में भी उनकी तेज गति, सटीक फील्डिंग और स्टेमिना युवाओं जैसा है। यही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। फिटनेस कोचिंग और अनुशासित जीवनशैली ने विराट को लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बनाए रखा है। टेस्ट क्रिकेट में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर राजकुमार शर्मा ने कहा कि इस पर अंतिम फैसला बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को ही लेना है। फिलहाल विराट का पूरा फोकस वनडे क्रिकेट पर ही है। सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान पूर्व रणजी क्रिकेटर यूसुफ अली , इशरत अली गोपाल सिंह व पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरआर पी सिंह , गोपाल सिंह, आलोक पुरी, तथा गैलेक्सी स्पोर्ट्स के डायरेक्टर मनीष मेहरोत्रा मौजूद थे

शुरुआती दिनों को किया याद  

अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कोच ने बताया कि विराट बचपन से ही गिफ्टेड खिलाड़ी रहे हैं। नेट्स में उनके शॉट्स सभी को प्रभावित करते थे। वह स्वभाव से शरारती थे और खानपान के भी शौकीन, लेकिन भारतीय टीम में आने के बाद उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदली। उनकी फिटनेस उसी बदलाव और कड़ी मेहनत का नतीजा है, जिसने उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनाया।

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