- राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी बहनों को कलश देकर और दीप प्रज्जवलित कर किया वार्षिक थीम का राज्य स्तरीय शुभारंभ
- गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण
लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रह्माकुमारी बहनों को एकता और विश्वास का दिव्य कलश देकर और दीप प्रज्जवलित कर वार्षिक थीम का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। सुल्तानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने ‘ओम शांति’ के साथ संबोधन शुरू किया। राष्ट्रपति ने ध्यान, मन, अध्यात्म, भारत की संस्कृति, मूल्य और सरकार की नीतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति और आनंद हमारे भीतर हैं, और जब आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है तो प्रेम, भाईचारा, करुणा और एकता जीवन का हिस्सा बन जाती है। शांत और स्थिर मन ही समाज में शांति का बीज बोता है और यही विश्व शांति और विश्व एकता की नींव बनता है।
राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी संस्था के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था नारी सशक्तिकरण, आंतरिक जागृति, शिक्षा, योग और ध्यान के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। भारत की प्राचीन संस्कृति ने सदैव वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है और आज यह विचार विश्व शांति के लिए और अधिक प्रासंगिक बन गया है। उन्होंने भारत सरकार की नीतियों और पहलों का भी उल्लेख किया, जैसे कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, मिशन लाइफ अभियान, महिला सम्मान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति। राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक समय में विज्ञान और तकनीकी ने मानव जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन तनाव और अविश्वास बढ़े हैं। इसलिए आत्मविकास और स्व-परिवर्तन आवश्यक है, और यही विश्व परिवर्तन का प्रथम मार्ग है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को सद्गुण की ओर अग्रसर करता है और सकारात्मक जीवनशैली सिखाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आतंकवाद और उपद्रव के पीछे मन की चंचल प्रवृतियां हैं, और ब्रह्माकुमारीज़ के माध्यम से सकारात्मक माहौल का निर्माण हो रहा है। गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी बीके राधा दीदी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में एकता और विश्वास पैदा करना है। कार्यक्रम का संचालन राजयोगिनी बीके मनोरमा दीदी ने किया।
कार्यक्रम में राजयोगिनी बीके संतोष दीदी, राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई, राजयोगिनी बीके प्रभा दीदी, राजयोगी बीके मोहन सिंघल भाई, राजयोगी बीके सूर्य भाई, पीआरओ बीके कोमल भाई सहित लखनऊ शहर के 400 से अधिक व्यवसायी, 100 से ज्यादा डॉक्टर, 300 से अधिक प्रशासनिक अधिकारी और ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़े कुल 3,000 से अधिक लोग उपस्थित रहे।

