- मतदाता फॉर्म न भरें या अधूरा भरें, ग्रामीणों की नाराजगी और समय की कमी बीएलओ के लिए चुनौती
- शिक्षकों समेत बीएलओ को फटकार का डर, एप और संसाधनों की कमी बढ़ा रही दिक्कत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एसआईआर फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया बीएलओ के स्तर पर जारी है, लेकिन उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। निगोहां क्षेत्र में मतदाता फॉर्म की अहमियत नहीं समझते और कई बार भड़क जाते हैं। बाहर राज्य में नौकरी कर रहे मतदाताओं की जानकारी जुटाना भी कठिनाई भरा है।
अलीगंज और बीकेटी में बीएलओ ने बताया कि मतदाता फॉर्म समय पर जमा नहीं कर रहे या अधूरा भरकर दे रहे हैं, जिससे उन्हें खुद फॉर्म भरना पड़ रहा है। प्रत्येक बीएलओ को कम से कम 1000 फॉर्म भरवाने और जमा करने का लक्ष्य है, जिसका दबाव और समयसीमा भारी तनाव पैदा कर रही है।
मोहनलालगंज, काकोरी, मलिहाबाद और सरोजनीनगर के बीएलओ ने व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होने, संसाधन की कमी, एप की तकनीकी दिक्कत और ग्रामीणों की अनुपलब्धता जैसी समस्याओं का जिक्र किया। शिक्षकों को पढ़ाई और फॉर्म भरवाने के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।

