सीएम बोले: जन सहयोग के बल पर चलता है आरएसएस, सौदेबाज़ी नहीं करती संघ
लखनऊ। जनेश्वर मिश्र पार्क में रविवार को आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया में महाभारत जैसे हालात हैं। जिस तरह युद्धभूमि में अर्जुन मोह में फंसकर पीछे हटना चाहते थे, उसी तरह वर्तमान समय में भी कई लोग परेशानियों से भागने की सोच रखते हैं। गीता हमें सिखाती है कि समस्या से भागो नहीं, बल्कि उसका डटकर सामना करो।
उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा हमारा दायित्व है और गीता का ज्ञान आत्मबल बढ़ाकर जीवन-पथ को सरल बनाता है। भागवत ने संदेश दिया कि प्रतिदिन गीता के दो श्लोक का मनन भी व्यक्ति को आत्मज्ञान की दिशा में आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि रामायण काल में भी चुनौतियां थीं, लेकिन परिस्थितियों पर रोने से कुछ नहीं होता, हमें कर्म करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
आरएसएस जन सहयोग से चलता है: सीएम योगी
उत्सव में शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संघ को किसी विदेशी संगठन या संस्था से फंडिंग नहीं मिलती, यह जन सहयोग से चलने वाला सेवा संगठन है। सौ वर्ष के इतिहास में संघ ने कभी सौदेबाज़ी नहीं की है।
योगी ने कहा कि भारत ने कभी अपनी उपासना पद्धति को दूसरों पर थोपने का प्रयास नहीं किया। हमारा धर्म ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘जीओ और जीने दो’ का संदेश देता है। सनातन धर्म का मूल है— निष्काम कर्म और मानव सेवा। उन्होंने कहा कि अपने धर्म की रक्षा करना पुण्य है, जबकि लाभ-लालच में धर्मांतरण महापाप है।
स्वामी ज्ञानानंद बोले— गीता को शिक्षा में अनिवार्य करें
जीओ गीता परिवार के प्रमुख स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि विश्व के सामने खड़ी चुनौतियों का समाधान गीता के सिद्धांतों में निहित है। उन्होंने बच्चों के पाठ्यक्रम में गीता के अध्याय शामिल किए जाने की पुरजोर वकालत की।
कार्यक्रम में दिव्यांग छात्रों द्वारा ब्रेल लिपि में स्वस्तिवाचन और भजन प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ता, साधु-संत, जनप्रतिनिधि और नागरिक इस दौरान मौजूद रहे।

