बॉलीवुड में 90 के दशक अपने गीत-संगीत के लिए जाना जाता है. गांव-छोटे कस्बों की तस्वीर तेजी से बदल रही थी. इस दौरान आने वाली फिल्मों से ज्यादा क्रेज उनके गानों का देखने को मिलता था. जिस फिल्म के गाने हिट होते थे, उस मूवी के हिट के चांसेस उतने ही बढ़ जाते थे. बॉलीवुड के कई डायरेक्ट अपनी फिल्म में कहानी से ज्यादा फोकस म्यूजिक पर करते थे. बॉलीवुड के एक डायरेक्टर ने तो 6 साल में 5 फिल्में बनाईं और हर बार एक खास फॉर्मूला आजमाया. पांचों फिल्में सुपरहिट निकलीं. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं……
वैसे तो बॉलीवुड में एक जैसे फॉर्मूले पर फिल्में बनाने का चलन बहुत पुराना है. 90 के दशक में मसाला फिल्मों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. इनके गाने खास तौर पर सबसे ज्यादा लुभाते थे. ऑडियो कैसेट में गाने सुनने को मिलते थे. गाने के बोल सुनकर दिल में रोमांटिक ख्याल आते थे. 95 के बाद वीडियो कैसेट का चलन बढ़ा. इसी दौर में बॉलीवुड के एक डायरेक्टर ने ऐसी 5 फिल्में बनाईं जिनमें खास फॉर्मूला अपनाया. इन पांचों फिल्मों में बॉलीवुड का एक ही सुपरस्टार नजर आया था. चार फिल्मों में लीड हीरो-हीरोइन की जोड़ी भी एक ही थी. सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया. मेकर्स ने जमकर पैसे कमाए. ये फिल्में थीं : आंखें, राजा बाबू, कुली नंबर वन, साजन चले ससुराल, हीरो नंबर वन और हसीना मान जाएगी. इन फिल्मों में कॉमेडी का जबर्दस्त तड़का भी लगाया गया था.
90 के दशक में बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर डेविड धवन का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता था. डेविड धवन-गोविंदा-करिश्मा कपूर की जोड़ी एक जमाने में सफलता का पर्याय बन गई थी. डेविड धवन ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत एडिटर के तौर पर की थी. उन्होंने डायरेक्शन की शुरुआत सुपरस्टार राजेंद्र कुमार के बेटे की फिल्म ‘लव स्टोरी’ से की थी. लव स्टोरी को राहुल रवैल डायरेक्ट कर रहे थे. उनका प्रोड्यूसर राजेंद्र कुमार से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया तो उन्होंने फिल्म छोड़ दी. फिर डेविड धवन ने यह फिल्म कंप्लीट की.
डेविड धवन ने वैसे तो गोविंदा के साथ सबसे पहले 1989 में ‘ताकतवर’ फिल्म में अपनी जोड़ी बनाई थी. इस जोड़ी की पहली हिट फिल्म स्वर्ग थी जो 1990 में रिलीज हुई थी. फिर क्या था, गोविंदा डायरेक्टर डेविड धवन के पर्मानेंट हीरो बन गए. डेविड धवन ने गोविंदा के साथ 18 से ज्यादा फिल्में की हैं. इनमें शोला और शबनम (1992), आंखें (1993), राजा बाबू (1994), कुली नंबर वन (1995), साजन चले ससुराल (1996), बनारसी बाबू (1997) और दीवाना मस्ताना (1997), हीरो नंबर वन (1997), बड़े मियां छोटे मियां (1998) और हसीना मान जाएगी (1999) बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही ज्यादा सफल रहीं. इन फिल्मों ने गोविंदा को कॉमेडी सुपरस्टार बनाया. गोविंदा-करिश्मा कपूर की जोड़ी को बॉलीवुड में स्थापित किया.
गीतकार समीर ने अपने एक इंटरव्यू में डेविड धवन के इस फॉर्मूले का खुलासा किया था. दरअसल, 21 जनवरी, 1994 में गोविंदा-करिश्मा कपूर की एक फिल्म राजाबाबू आई थी जिसके एक गाने ‘सरकाय लेओ खटिया जाड़ा लगे’ को अश्लील माना गया था. यह गाना गोविंदा-करिश्मा कपूर पर फिल्माया गया था. डेविड धवन ने फिल्म का निर्देशन किया था. समीर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘यह एक आइटम सॉन्ग था. ये एक फॉक सॉन्ग था. गांव में चौपाल में नटिने गाया करती थीं. हम लोग बचपन में यह गाना सुनते थे. मैंने उसे उठाकर फिल्म में दे दिया. इसमें एक शरारत थी, मस्ती थी, गंदगी नहीं थी. डेविड धवन ने इसे बहुत ही सेडेक्टिव-वल्गर तरीके से शूट किया कि लोग डबल मीनिंग निकालने लगे. वो गाना सेंसर में अटक गया था. बड़ी मुश्किल से पास हुआ.’

