यूपी में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत, आठ यूनिकॉर्न, राज्य में अब तक 72 इनक्यूबेटर्स और सात सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित
सीएसआईआर के विभिन्न संस्थानों व विभिन्न स्टार्टअप्स के बीच एमओयू व एमओए का आदान-प्रदान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम केवल नीतियां नहीं बना रहें, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर युवा, उद्यमी, वैज्ञानिक के विचार को पंख दे रहे हैं। सरकार हर योग्य स्टार्टअप्स के साथ खड़ी है। सरकार का संसाधन व संकल्प हर आंत्रप्रेन्योर के लिए है। हम चाहते हैं कि प्रदेश के युवाओं की आंखों में चमक हो और वह चमक उसे प्रयोगशाला से लेकर उद्योग और रोजगार में बदलने में सहायक हो।
मुख्यमंत्री सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2025 के समापन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। सीएसआईआर के विभिन्न संस्थानों एनबीआरआई, सीडीआरआई, आईआईटीआर, सीमैप व विभिन्न स्टार्टअप्स के बीच एमओयू व एमओए का आदान-प्रदान हुआ। इन संस्थानों द्वारा हर्बल लिक्विड सिन्दूर, हर्बल नैनो सीरम, माइक्रोबियल इनोकुलेण्ट, 120 के एसएनपी चिप्स, पिंक गोल्ड टी जैसे विभिन्न प्रोडक्ट्स लांच किये गये। मुख्यमंत्री जी ने स्टार्टअप से जुड़ी एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने साढ़े आठ वर्षों में सुरक्षा का एक बेहतरीन वातावरण उत्तर प्रदेश में दिया है। इससे उत्तर प्रदेश फियरलेस बिजनेस का केन्द्र बना है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में दो दिवसीय सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2025 लखनऊ में हुआ है, जिससे हमारे वैज्ञानिकों, संस्थाओं, प्रगतिशील किसानों को अपने इनोवेशन व रिसर्च को शोकेस करने का अवसर मिला। एनबीआरआई, सीडीआरआई, आईआईटीआर व सीमैप, सीएसआईआर के प्रमुख संस्थान हैं। इन संस्थानों में किए गए शोध व नवाचार किसानों की आमदनी को बढ़ाने और आम नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन के कारक बने हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सी0एस0आई0आर0 स्टार्टअप कॉन्क्लेव की थीम है कि हर शोध उत्पादन के लिए हो, हर उत्पादन उद्योग बने और हर उद्योग भारत की सामर्थ्य और शक्ति बने। यही है विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के पीछे का राज। भारत को वर्ष 2047 में यदि विकसित बनाना है, तो हमें उत्तर प्रदेश को विकसित बनाना होगा। हर जनपद को विकसित बनाना होगा। विकसित बनाने की सीढ़ी इनोवेशन, रिसर्च, प्रोडक्ट्स, इण्डस्ट्री से जाती है। यह सभी विकसित भारत की आधारशिला हैं। प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की संकल्पना के साथ इण्डस्ट्री, उद्यमी, संस्थान मिलकर कार्य करें।
सीएम योगी ने कहा कि आज का समय तकनीक का समय है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जो समाज जितना प्रगतिशील होगा, दुनिया उसके पीछे जाएगी। जो देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी में जितना अधिक इनोवेशन, रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट के कार्यों को बढ़ावा देगा, वही दुनिया को लीड करेगा। सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव की स्टार्टअप-ईको सिस्टम को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। विगत 11 वर्षों में भारत में एक नए स्टार्टअप इकोसिस्टम को पनपते हुए देखा जा सकता है। भारत दुनिया में यूएसए और यूके के बाद स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर है। भारत में 1 लाख 90 हजार स्टार्ट-अप्स मौजूद हैं।
राज्य सरकार ने स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए तेजी के साथ कार्य किया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत हैं, जिनमें 08 यूनिकॉर्न भी हैं। राज्य में अब तक 72 इनक्यूबेटर्स और 07 सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित हुए हैं। प्रदेश सरकार ने इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए 137 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।
आज नई तकनीक तथा समाज व राष्ट्र की आवश्यकता के अनुरूप अच्छे ईको सिस्टम को डेवलप करने में स्टार्टअप्स की बड़ी भूमिका है।
प्रगतिशील किसानों को थोड़ा प्रोत्साहित करने से उन्होंने बहुत कुछ अच्छा करने का प्रयास किया है। अनेक प्रगतिशील किसानों ने आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। पहले हमारे वैज्ञानिकों द्वारा लैब में किया गया शोध लैण्ड तक नहीं पहुंच पाता था। विगत दिनों ‘लैब टू लैण्ड’ अभियान पूरे देश में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में भी कृषि क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिक लैब से निकलकर अन्नदाता किसानों के पास उनके खेतों तक पहुंचे, उनके सहयोग के लिए खड़े हुए।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एमएसएमई का क्लस्टर सैकड़ों वर्षों से मौजूद रहा है, लेकिन कालांतर में वह लुप्तप्राय सा हो गया था। हमारे एमएसएमई बंद होने की कगार पर थे। इससे जुड़े लोगों में हताशा व निराशा थी और वह लोग पलायन कर रहे थे। प्रदेश से बड़े पैमाने पर हस्तशिल्पियों, कामगारों, श्रमिकों व युवाओं का पलायन हो रहा था। वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने परम्परागत उद्यम और एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। बैंकों से सस्ते दर पर लोन उपलब्ध कराया गया। परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट क्रियाशील है, जिनसे 02 करोड़ परिवारों की आजीविका चल रही है। अर्थात् 10 करोड़ लोग इस सेक्टर से लाभान्वित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश का ओडीओपी देश और दुनिया में विख्यात हो रहा है। राज्य सरकार वर्तमान में 2 लाख करोड़ रुपये के एमएसएमई प्रोडक्ट्स को दुनिया के मार्केट में पहुंचाने का कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित किया और उत्तर प्रदेश में एक नया कल्चर आगे बढ़ता हुआ दिखाई दिया। ऐसे ही स्टार्टअप में है। आज का युवा कुछ नया करना चाहता है। युवाओं को उनके अनुरूप वातावरण प्रदान करने का कार्य समाज व सरकार की जिम्मेदारी है। प्रदेश के 77 प्रोडक्ट्स को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जिससे इन प्रोडक्ट्स को सर्टिफिकेट भी प्राप्त हो गया। इन 77 प्रोडक्ट्स की देश और दुनिया में मांग बढ़ी है।
एनबीआरआई, सीडीआरआई, आईआईटीआर व सीमैप ने शोध व नवाचार को आगे बढ़ाने में बहुत अच्छा कार्य किया
उत्तर प्रदेश में एनबीआरआई, सीडीआरआई, आईआईटीआर व सीमैप ने शोध व नवाचार को आगे बढ़ाने में बहुत अच्छा कार्य किया है। एनबीआरआई द्वारा जैविक खेती और जैविक उर्वरता की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। संस्थान 09 लाख एकड़ भूमि में जैविक खेती करके किसानों को प्रेरणा व मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। सीडीआरआई विभिन्न प्रकार की नई दवाओं की खोज की दिशा में कार्य रहा है। राज्य सरकार एक फार्मा पार्क का निर्माण करा रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश सरकार आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर मेडटेक पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को विकसित करने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर सीएसआईआर व उससे जुड़े संस्थानों के पदाधिकारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान सहित अन्य मौजूद थे।

