कुल 114 में 76 पदक (66.67 प्रतिशत) छात्राओं को व 38 पदक (33.33 प्रतिशत) छात्रों को
भिक्षावृत्ति में शामिल रहे 22 बच्चे राजभवन विद्यालय से प्रशिक्षण ले विधानसभा पर करेंगे बांसुरी वादन
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के 91वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को पदक एवं उपाधियाँ देकर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर खुशी जताई। समारोह में कुल 114 पदक दिए गए, जिनमें 100 स्वर्ण और 14 रजत पदक थे। कुल 75 विद्यार्थियों को पदक मिले। जिनमें
राज्यपाल आनंदीबेन ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए आगरा के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए। उन्होंने जनपद मैनपुरी के 200 आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आंगनबाड़ी संसाधन वितरित किए। उन्होंने विद्यार्थियों को पदक एवं उपाधियां देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेडल और उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी अपने ज्ञान और प्रतिभा से न केवल अपने परिवार और समाज बल्कि प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने कहा कि आज के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक उपाधियाँ एवं पदक छात्राओं ने प्राप्त किए हैं। यह उपलब्धि जहाँ एक ओर बेटियों की उत्कृष्टता और उनकी मेहनत का प्रमाण है, वहीं दूसरी ओर यह चिंता का विषय भी है कि छात्र इस प्रतिस्पर्धा में पीछे क्यों रह जा रहे हैं। इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और ठोस कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है, ताकि छात्र भी समान रूप से आगे आएँ और समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान दे सकें।
बच्चों ने कलात्मक पेंटिंग प्रतियोगिता में पेंटिंग बनाई, निबंध लेखन व हेंडराइटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाई। प्रत्येक विद्यालय में खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों की छिपी प्रतिभाएँ सामने आ सकें। उन्होंने उल्लेख किया कि राजभवन के अधिकारी और कर्मचारी भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। राजभवन के विद्यालय में 22 बच्चों को बाँसुरी वादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें वे बच्चे भी शामिल हैं जो पहले भिक्षावृत्ति में लिप्त थे। 26 जनवरी को विधानसभा के सामने ये बच्चों ने बाँसुरी वादन की प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने बताया कि राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साइकिल यात्रा निकालकर विभिन्न जिलों के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पहुँचकर सफाई, पौधारोपण और बालिकाओं को शिक्षा के लिए जागरूक करने का कार्य किया। राजभवन में एक आदर्श विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, जहाँ गरीब एवं भिक्षा से मुक्त हुए बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। जिसके परिणामस्वरूप 60 बच्चों का प्रवेश राजभवन परिसर स्थित विद्यालय में कराया गया है।
यह प्रयास समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को बेहतर भविष्य से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। राजभवन में बच्चों को स्केटिंग और बैंड प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। बैंड के बच्चों ने 26 जनवरी को विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यालय आठवीं तक संचालित है और आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले 12 बच्चों का प्रवेश नवीं कक्षा में कराया गया है, जिसकी संपूर्ण व्यवस्था एवं शुल्क राजभवन वहन कर रहा है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कुलपति के कठोर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब हमारे आंगनबाड़ी केंद्र मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत होगा। पिछले पाँच वर्षों में विश्वविद्यालयों की मदद से लगभग 40,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। अब समय है कि विश्वविद्यालय 10 वर्ष का विजन बनाकर कार्य करें और तय करें कि आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों और समाज को किस प्रकार लाभान्वित किया जा सकता है।
आनंदीबेन पटेल जी ने विश्वविद्यालय परिसर में अनेक नवाचारी एवं विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्यपाल ने पीएम उषा योजनार्न्न्तगत स्वामी विवेकानन्द परिसर स्थित इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान के नवीनीकरण कार्य तथा केन्द्रीय उच्च-तकनीकी उपकरण केन्द्र “कणाद भवन“ का शिलान्यास भी किया। विश्वविद्यालय के अध्यापकों की 16 पुस्तकों का विमोचन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि, इण्डिया हैबीटेट सेंटर, नई दिल्ली के निदेशक प्रो केजी सुरेश ने कहा कि अधिकतर स्वर्ण पदक बेटियों ने प्राप्त किए हैं यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के सपने के साकार होने का सजीव प्रमाण है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आप केवल मेडल विजेता ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में समाज और देश के लिए मॉडल बनें। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने उपाधि एवं पदक पाने वाले विद्यार्थियों, उनके माता-पिता एवं गुरुजनों को बधाई दी। कुलपति प्रो आशु रानी, विभिन्न संकायाध्यक्ष, कार्य परिषद एवं विधान परिषद, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां समेत अन्य मौजूद रहे।
विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया
स्नातक स्तर पर 57,519, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 14,306 और स्नातकोत्तर स्तर पर 9,282 छात्रों को उपाधियां दी गईं। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले विद्यार्थियों को 3.80 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। स्वर्ण पदक विजेताओं को 35,000, रजत पदक विजेताओं को 25,000 एवं कांस्य पदक विजेताओं को 20,000 की राशि दी गई। “रोहिनी“ नामक छात्रा, जिसने दो प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त किया, को दोनों के लिए अलग-अलग 35,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया।
राज्यपाल जी ने सत्र 2024-25 की उपाधियाँ एवं अंक प्रमाण पत्रों को राष्ट्रीय शैक्षिक डिपॉजिटरी पर अपलोड किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अध्यापकों को पुरस्कृत किया और इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँव में आयोजित हुई प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कार दिए। विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले 14 छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया।

