डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के होली मिलन में गूँजे ठहाके, कवियों ने बाँधा समाँ
लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ काहोली मिलन समारोह
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष इं. ए.के. द्विवेदी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने होली को भारतीय संस्कृति का अनमोल अवसर और जीवन के विविध रंगों का आयाम बताया।
इंजीनियर्स की भूमिका और संवाद पर जोर समारोह को संबोधित करते हुए इं. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश के विकास में जूनियर इंजीनियर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पद के अनुसार जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और किसी भी समस्या का समाधान मिलकर निकाला जा सकता है। उन्होंने इंजीनियरों को आश्वस्त करते हुए कहा, “आप अपनी समस्याएं और सुझाव खुले मन से मेरे सामने रखें, मेरे स्तर पर आपको कभी निराशा नहीं होगी।”
सम्मान और पुरस्कारों का दौर कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और ‘एकता सूत्र’ विशेषांक का विमोचन हुआ। समारोह में हास्य का पुट तब दिखा जब लॉटरी के माध्यम से पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें कई इंजीनियरों को बेलन, लाली और लिपस्टिक जैसे रोचक उपहार मिले।

काव्य पाठ और व्यंग्य की फुहारें समारोह का मुख्य आकर्षण अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन रहा। कवियों ने व्यवस्था और समसामयिक विषयों पर जमकर चुटकी ली। दिनेश पाण्डेय ‘नजर’: “सारे गड्ढे भर जाएंगे, बरसात तो आने दो” कहकर उन्होंने व्यवस्था पर करारा व्यंग्य किया। हेमा पाण्डेय: अपनी पंक्तियों से प्रेम और रिश्तों की गहराई को छुआ। भगवान सहाय: “जो टेंडर मांग रहे थे, अब वो सिलेंडर मांग रहे हैं” पढ़कर व्यवस्था पर प्रहार किया। रोहित चौधरी: अपनी ओजस्वी वाणी से देशभक्ति का जज्बा भरा।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति इस अवसर पर पूर्व विभागाध्यक्ष इं. वी.के. सिंह, प्रमुख अभियंता (ग्रामीण सड़क) इं. मुकेश चन्द्र शर्मा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, और संघ के प्रदेश अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी सहित भारी संख्या में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राजर्षि त्रिपाठी ने किया।

