सेवा और राष्ट्रभक्ति का संगम: ‘कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन ही असली देशप्रेम’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Prashant

March 24, 2026

शहर के सिंटी मांटेसरी स्कूल गोमतीनगर विस्तार सभागार में मंगलवार को

‘श्रीगुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0’ के अंतर्गत कार्यकर्ता सम्मान समारोह

लखनऊ। शहर के सिंटी मांटेसरी स्कूल गोमतीनगर विस्तार सभागार में मंगलवार को ‘श्रीगुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 6.0’ के अंतर्गत कार्यकर्ता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हुआ। श्रीगुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) की ओर से हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शिरकत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, भगवान धन्वंतरि, स्वामी विवेकानंद और गुरु गोरखनाथ के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर स्वास्थ्य यात्रा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने निर्धारित कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से पालन करना ही सच्ची देशसेवा है। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर थारू और वनवासी समाज के बीच स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने वाले चिकित्सकों की सराहना करते हुए कहा, “जिन्हें समाज में कोई नहीं पूछता था, उन्हें अपनी संवेदना और चिकित्सा सेवा से जोड़ना एक महान राष्ट्रीय कार्य है।”

मुख्यमंत्री ने थारू समाज के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए उन्हें महाराणा प्रताप का वंशज बताया और कहा कि समावेशी विकास के बिना राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। उन्होंने डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे अपनी ओपीडी की सीमाओं से बाहर निकलकर माह में कम से कम एक रविवार सेवा कार्य के लिए समर्पित करें।

सीमावर्ती क्षेत्रों की सेवा हमारा धर्म: डॉ. कृष्ण गोपाल

विशिष्ट वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने सेवा के वैश्विक और स्थानीय स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब समाज दूसरों के दुख को देखकर खुद खड़ा होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि समाज में जागृति आ गई है। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों और म्यांमार-तिब्बत सीमा तक दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों द्वारा दी जा रही सेवाओं का उदाहरण देते हुए कहा, “पूरा देश हमारा है और इसकी सीमाओं पर रहने वाले प्रहरियों की सेवा करना हमारा धर्म है।” उन्होंने डॉक्टरों से एनीमिया और नशामुक्त भारत के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

समाज का ऋण उतारें चिकित्सक: सतीश महाना

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भावुक अपील करते हुए कहा कि सेवा संसाधनों से नहीं, बल्कि सेवा के भाव से होती है। उन्होंने चिकित्सकों को याद दिलाया कि उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण में समाज का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा, “चिकित्सकों को प्रैक्टिकल के लिए जो शव (Cadaver) मिलते हैं, वे समाज की निःशुल्क देन हैं। यह डॉक्टरों पर एक ऋण है, जिसे उन्हें समाज की सेवा करके वापस करना चाहिए।”

समारोह में संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी, वरिष्ठ प्रचारक वीरेंद्र सिंह जी, कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह, सतीश शर्मा, एमएलसी महेंद्र सिंह, अपर्णा यादव, अवनीश अवस्थी और कई वरिष्ठ चिकित्सक व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किया और स्वास्थ्य यात्रा का विवरण प्रो. एमएलवी भट्ट ने प्रस्तुत किया।

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