सीएम योगी ने गोरखपुर के पांडेयहाटा में ‘भक्त प्रह्लाद जुलूस’ के मौके पर प्रदेशवासियों को संबोधित किया
कहा कि आज का उत्तर प्रदेश तनाव, अराजकता और गुंडागर्दी के साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है
गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर के पांडेयहाटा में ‘भक्त प्रह्लाद जुलूस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था और विकास की नई तस्वीर पेश की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज का उत्तर प्रदेश तनाव, अराजकता और गुंडागर्दी के साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।
भयमुक्त समाज और ‘रामराज्य‘ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सुशासन की पहली शर्त बताते हुए कहा कि जब जनता के मन में डर खत्म हो जाए और हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे, वही ‘रामराज्य’ की सच्ची संकल्पना है। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में कोई अराजकता नहीं है। लोग एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं और आपसी सम्मान की यही भावना हमारे प्रदेश को उत्सव प्रदेश बना रही है।”
माफियाओं की तुलना हिरण्यकश्यप से
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने पौराणिक संदर्भों का सहारा लेते हुए अपराधियों और माफियाओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने उनकी तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से करते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि “लातों के भूत बातों से नहीं मानते।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले समाज को बांटते थे, उन्हें आज की एकजुटता देखनी चाहिए, जहाँ बिना जाति-भेद के भारी भीड़ एक साथ होली का उत्सव मना रही है।
विकास और विरासत का संगम
मुख्यमंत्री ने केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि गोरखपुर के आर्थिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘गोरखपुर विरासत कॉरिडोर’ (Heritage Corridor) का जिक्र करते हुए इसे राज्य का सबसे खूबसूरत कॉरिडोर बताया। कॉरिडोर निर्माण से प्रभावित व्यापारियों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को उजाड़ना नहीं, बल्कि प्रगति के अवसर देना है। प्रभावितों के लिए DIET के पास कॉम्प्लेक्स बनाने और दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत ‘न्यू इंडिया’ के रूप में उभर रहा है, जहाँ हर वर्ग को समान अवसर मिल रहे हैं।
शांतिपूर्ण होली की भावुक अपील
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की ढेरों शुभकामनाएं दीं और त्योहार को शालीनता से मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “होली आपसी मिलन और सामाजिक एकता का पर्व है। जबरदस्ती रंग न लगाएं, गंदे गानों से बचें और ऐसा कोई माहौल न बनने दें जिससे तनाव पैदा हो। होलिका दहन के साथ अपने भीतर के अहंकार और नकारात्मकता को जला दें।” मुख्यमंत्री के इस दौरे और उनके कड़े तेवरों ने एक बार फिर यह संदेश साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में ‘डबल इंजन’ की सरकार सुरक्षा और सुविधा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।

