“गांधी और खान साहब का रास्ता ही आज की ज़रूरत”: प्रो. रमेश दीक्षित ने युवाओं से की इतिहास जानने की अपील
सीमांत गांधी की विरासत और हमारी ज़िम्मेदारी: लखनऊ में जुटे बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को ‘खुदाई ख़िदमतगार’ संस्था द्वारा भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें दुनिया ‘सीमांत गांधी’ के नाम से जानती है, की पुण्यतिथि पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। “सीमांत गांधी की विरासत और हमारी ज़िम्मेदारी” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने खान साहब के अहिंसक संघर्ष और उनके मानवीय मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. रमेश दीक्षित ने युवाओं से खान अब्दुल गफ्फार खान और महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में समाज को सही इतिहास जानने की जरूरत है और ‘खुदाई ख़िदमतगार’ जैसे सेवाभावी संगठनों की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। वरिष्ठ राजनेता सुरेंद्र राजपूत ने सीमांत गांधी के सामाजिक कार्यों और उनके त्याग को याद किया, वहीं वरिष्ठ पत्रकार आनन्दवर्धन सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए लोगों का जागरूक होना अनिवार्य है।
कार्यक्रम का सफल संचालन हफ़ीज़ क़िदवई ने किया और अंत में पवन यादव ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। सेमिनार के दौरान सुशील कुमार और अफ़ज़ल शाह ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राकेश श्रीवास्तव, आशीष, सानिध्य, संदीप वर्मा, रणजीत, आशीष आनन्द, अनमोल, मुनीश, रज़ि, बरखा, संग्राम संगम और धर्मेंद्र समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने खान साहब के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

