मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया, महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन
महोत्सव सामाजिक, व्यापारिक जीवन, युवाओं की प्रतिभा और विरासत के साथ विकास की यात्रा को दर्शाने का सशक्त मंच : मुख्यमंत्री
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज गोरखपुर में चम्पा देवी पार्क, रामगढ़ताल में आयोजित तीन दिवसीय ‘गोरखपुर महोत्सव’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 06 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोरखपुर की पुरातन से आधुनिक समय तक की परम्परा, सभ्यता एवं संस्कृति को लेकर तीन दिनों से ‘गोरखपुर महोत्सव’ उत्साह व उल्लास के साथ आयोजित हुआ। महोत्सव में कला, संस्कृति, विज्ञान, शिल्पकला सहित जीवन के प्रत्येक पक्ष का प्रदर्शन किया गया। गोरखपुर की शिल्पकला को भी इस महोत्सव के माध्यम से प्रदर्शित करने का अवसर मिला। युवाओं के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत एवं जनपद स्तर पर गायन, वादन, नाटक सहित कला की विभिन्न विधाओं में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया गया, जिससे यह महोत्सव अत्यंत सफल रहा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महोत्सव हमारे सामाजिक तथा व्यापारिक जीवन में हो रहे अच्छे कार्यों को सामने लाने, युवाओं की प्रतिभा को निखारने और विरासत के साथ विकास की यात्रा को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम होते हैं। खिचड़ी पर्व के ठीक पूर्व आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव उत्साह और उल्लास का नया मंच बनकर उभरा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित की गई विभूतियों ने शिक्षा, खेल, कला और कृषि जैसे क्षेत्रों में गोरखपुर का नाम रोशन किया है। 65 से 70 लाख की आबादी वाले गोरखपुर से केवल 5–6 व्यक्तियों का चयन करना कठिन कार्य है। यह सम्मान वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज से कुछ लेने के बजाय समाज को कुछ देने की भावना विकसित करे।
मुख्यमंत्री जी ने मकर संक्रांति एवं खिचड़ी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इस पर्व पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के लाखों श्रद्धालु भगवान गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाते हैं। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जिसके बाद खरमास समाप्त होता है और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। यह पर्व जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और उमंग का संचार करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। वर्ष 2017 और आज के गोरखपुर में जमीन-आसमान का अंतर है। वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर उपेक्षित और असुरक्षित था। गुंडागर्दी, उपद्रव, गंदगी और इंसेफेलाइटिस जैसी समस्याएं थीं। दंगे आम बात थे, व्यापारी और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, उद्यमियों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था और नौजवानों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प अभियान के साथ आगे बढ़ी, जिसके परिणाम आज धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। 8–10 वर्ष पूर्व गोरखपुर आने वाला व्यक्ति आज इसे पहचान नहीं पाएगा। यह बदलाव अयोध्या, काशी, लखनऊ और प्रयागराज सहित प्रदेश के प्रत्येक जनपद में देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर में एम्स, बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज का अत्याधुनिक स्वरूप, 4-लेन व 6-लेन सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी वास्तविकता बन चुकी हैं। गोरखपुर से लखनऊ, अयोध्या और काशी की दूरी अब कुछ ही घंटों में तय की जा सकती है। पहले जहां केवल एक वायु सेवा थी, आज कई शहरों के लिए हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुरक्षा का बेहतर वातावरण होने से निवेश बढ़ता है। गोरखपुर में पिछले 8 वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला और पलायन रुका। पहले एक विश्वविद्यालय था, आज गोरखपुर में 4 विश्वविद्यालय हैं। होटल मैनेजमेंट संस्थान, नाइलेट केंद्र, अटल आवासीय विद्यालय जैसी संस्थाएं स्थापित हुई हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर आज एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है। विकास की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को माफिया, अपराध और दंगा मुक्त बनाने का कार्य किया है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी को समाप्त किया गया है। तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार युक्त राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया और जनधन योजना के माध्यम से गरीबों को सीधा लाभ पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री जी ने स्मार्टफोन के जिम्मेदार उपयोग, साइबर अपराध से सावधानी और यातायात नियमों के पालन की अपील की। इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री कमलेश पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘गोरखपुर महोत्सव’ ने विशाल स्वरूप ग्रहण किया है और इससे संस्कृति व विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम को सांसद श्री रवि किशन शुक्ल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

