ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा पर्यटक सुविधाओं का तेजी से विकास: जयवीर सिंह
सूर सरोवर, हैदरपुर और नवाबगंज में करोड़ों की परियोजनाओं से बढ़ा आकर्षण
लखनऊ । सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक संपदा एक बार फिर जीवंत हो उठी है। प्रदेश की सभी 10 अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट्स इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो गई हैं। हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया, मध्य एशिया और यूरोप से आने वाले दुर्लभ पक्षी इन आद्रभूमियों को अपना अस्थायी बसेरा बना रहे हैं। इससे प्रदेश की जैव-विविधता तो समृद्ध हो ही रही है, साथ ही ईको टूरिज्म को भी नया आयाम मिल रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटक सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता दे रहा है। बोर्ड द्वारा सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न रामसर साइट्स पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल अनुभव मिल सके।
सूर सरोवर और हैदरपुर में करोड़ों की विकास परियोजनाएं
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आगरा स्थित सूर सरोवर बर्ड सेंक्चुरी में लगभग 167.85 लाख रुपये की लागत से आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया गया है। यहां पार्किंग एरिया, पाथवे, नेचर ट्रेल, सोविनियर शॉप, वॉच टावर, साइनजेज, शौचालय और आरओ वाटर कूलर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे यह स्थल देश-विदेश के बर्ड वॉचर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए और अधिक आकर्षक बन गया है।
इसी तरह मुजफ्फरनगर स्थित हैदरपुर वेटलैंड में 165.71 लाख रुपये की लागत से पर्यटक सुविधाओं का व्यापक संवर्धन किया गया है। यहां प्रवेश द्वार, नेचर ट्रेल, नेचर कैंप, विश्राम के लिए बेंच, वॉच टावर, कैंटीन, रिसेप्शन, गोल हट और शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन प्रयासों से हैदरपुर वेटलैंड अब एक सुव्यवस्थित और आदर्श ईको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है।
नवाबगंज में बनेगा अत्याधुनिक एआर-वीआर डोम
उन्नाव स्थित नवाबगंज बर्ड सेंक्चुरी में पर्यटकों को अत्याधुनिक अनुभव देने के लिए एआर-वीआर डोम का निर्माण तेजी से हो रहा है। लगभग 280.44 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह डोम पर्यटकों को वेटलैंड की जैव-विविधता, प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों और पूरे इकोसिस्टम का वर्चुअल और इमर्सिव अनुभव प्रदान करेगा।
यूपी की 10 रामसर साइट्स
उत्तर प्रदेश में कुल 10 रामसर साइट्स हैं—नवाबगंज पक्षी अभ्यारण्य (उन्नाव), पार्वती आर्गा (गोंडा), समान (मैनपुरी), समसपुर (रायबरेली), सांडी (हरदोई), सरसई नावर झील (इटावा), सूर सरोवर (आगरा), ऊपरी गंगा नदी क्षेत्र, बखिरा वन्यजीव अभ्यारण्य (संत कबीर नगर) और हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर)। ये सभी स्थल दुर्लभ प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय हैं और अंतरराष्ट्रीय संरक्षण मानकों पर खरे उतरते हैं।

देश में दूसरे स्थान पर यूपी
देश में सबसे अधिक रामसर साइट्स तमिलनाडु में हैं, जबकि उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। यहां की आद्रभूमियां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव-विविधता के संरक्षण और दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यूपी आज वैश्विक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण ईको-टूरिज्म हब के रूप में उभर रहा है। प्रवासी पक्षियों का आगमन प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देता है। ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के निरंतर प्रयासों से प्रदेश न केवल अपनी प्राकृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

