- जरूरतमन्दों को वितरित किए कम्बल व भोजन, अधिकारियों को बेहतर सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश
- रैन बसेरों में ठहरे जरूरतमन्द लोगों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर में रेलवे स्टेशन और झूलेलाल मंदिर के पास स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरों में ठहरे जरूरतमन्द लोगों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने स्वयं कम्बल और भोजन वितरित कर आश्वस्त किया कि सरकार शीतलहर से राहत दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर, कम्बल, साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति फुटपाथ, प्लेटफॉर्म या सड़कों पर खुले में न लेटे। जरूरतमन्द व्यक्तियों को तत्काल रैन बसेरों तक पहुँचाने और इसकी निरंतर निगरानी करने का आदेश भी दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर जरूरतमन्द को सम्मानजनक आश्रय और सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शीतलहर से बचाव के लिए तहसीलों व नगर निकायों को ऊनी वस्त्र, कम्बल वितरण और अलाव की व्यवस्था हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि हर निकाय और पंचायत आवश्यकता के अनुसार अलाव की व्यवस्था प्राथमिकता पर करें।
गोरखपुर महानगर में नगर निगम द्वारा कुल 14 रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहाँ 700 से 1,000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ सक्रिय रखा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड में खुले में रात बिताने को मजबूर न हो।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में ठहरे लोगों—जो देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरी-चौरा सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तथा बिहार से आए थे। उनसे संवाद किया। इनमें से कई लोग परीक्षा, इलाज, कामकाज या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए गोरखपुर आए थे। सभी ने रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, विधायक विपिन सिंह सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

