शीतलहर से बचाव को लेकर प्रशासन सतर्क: राहत आयुक्त ने 25 जनपदों में रैन बसेरों व अलाव की लाइव निगरानी की

Prashant

December 23, 2025

कड़ाके की ठंड में आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि, रैन बसेरों की व्यवस्थाओं पर शासन की सख्त निगरानी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विभिन्न जनपदों में रैन बसेरों, अलाव स्थलों की स्थिति को वास्तविक समय में देखा गया

लखनऊ। प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर याशोद ने सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 25 जनपदों में संचालित रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्थाओं की सघन लाइव निगरानी की। इस उच्चस्तरीय समीक्षा में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, आपदा विशेषज्ञ, नोडल अधिकारी, लेखपाल, नगर पंचायत अधिकारी सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े लगभग 900 अधिकारी एवं कर्मचारी सीधे फील्ड से जुड़े।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आगरा, अलीगढ़, अम्बेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बदायूं, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस, जलौन, झांसी, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, पीलीभीत, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर और सुल्तानपुर में रैन बसेरों तथा अलाव स्थलों की स्थिति को वास्तविक समय में देखा गया।

राहत आयुक्त ने रैन बसेरों में ठहरे जरूरतमंदों से सीधे संवाद कर जमीनी हकीकत जानी। नगर पंचायत अमेठी के रैन बसेरे में ठहरे सोनू कुशवाहा ने भोजन, कंबल, अलाव, स्वच्छ पेयजल और साफ शौचालय जैसी व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। गौरीगंज तहसील क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था का लाइव निरीक्षण किया गया, जहां स्थानीय नागरिकों ने प्रशासनिक प्रबंधों की सराहना की।

अयोध्या सदर तहसील में संचालित अस्थायी रैन बसेरे में ठहरे आशुतोष ने बताया कि वे बलिया से परीक्षा देने आए हैं और उन्हें सुरक्षित, गर्म एवं सुव्यवस्थित ठहराव उपलब्ध कराया गया है। आजमगढ़ के लालगंज नगर पंचायत क्षेत्र में रैन बसेरे में सीमित उपस्थिति पर अधिकारियों ने बताया कि यह शहरी एवं बस अड्डा क्षेत्र में स्थित होने के कारण यात्री अल्प समय के लिए ठहरते हैं।

आगरा के एक रैन बसेरे में गैस आधारित अलाव, रूम हीटर और गीजर जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया। वहां ठहरे लोगों ने ठंड से बचाव के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं को प्रभावी और पर्याप्त बताया। समीक्षा के दौरान राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में रैन बसेरों में कंबल, अलाव, पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छ पेयजल और भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग ठहराव की व्यवस्था तथा आवश्यकता अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। राहत आयुक्त ने कहा कि शीतलहर के दौरान प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता ही जनजीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। आमजन को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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