शिक्षा और संस्कार ही देश के भविष्य की असली बुनियाद: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Prashant

February 23, 2026

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज अर्जुनगंज स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में

कंप्यूटर लैब और विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का भव्य लोकार्पण किया

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज अर्जुनगंज स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कंप्यूटर लैब और विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद दिलाते हुए छह आंगनवाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए किट का भी वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया दान संसार का सर्वश्रेष्ठ दान है और ऐसे दानवीरों का सम्मान करना पूरे समाज का कर्तव्य है।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘बाल रामायण’ और ‘ब्रज की होली’ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उन्हें छोटी उम्र से ही संस्कारित और अनुशासित करना शिक्षण संस्थानों का प्राथमिक दायित्व है। राज्यपाल ने बाल्यावस्था की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों की ग्रहणशीलता इस आयु में अत्यंत तीव्र होती है; आठ वर्ष तक की आयु में वे जो भी सीखते हैं, वह उनके पूरे व्यक्तित्व की नींव बनता है। इसलिए परिवारों में एक सकारात्मक और संस्कारित वातावरण होना अनिवार्य है, क्योंकि बच्चे उपदेशों से नहीं बल्कि अपने बड़ों के व्यवहार से सीखते हैं।

आधुनिकता और परंपरा के समन्वय पर जोर देते हुए श्रीमती पटेल ने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य है, लेकिन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऋषियों के वैज्ञानिक योगदान और रामायण-महाभारत के मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का जिक्र करते हुए शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाते रहें।

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए ‘केजी टू पीजी’ (KG to PG) की अवधारणा पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों को सुझाव दिया कि वे केवल डिग्री देने तक सीमित न रहें, बल्कि आंगनवाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों को गोद लेकर वहां शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन करें। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 50,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को किट प्रदान की जा चुकी है, जिससे बच्चों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध एचपीवी (HPV) टीकाकरण का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि जनसहयोग से अब तक 40 हजार बालिकाओं का टीकाकरण हो चुका है और जल्द ही 1.5 लाख और बालिकाओं को यह सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने इसरो (ISRO) की विशेष बस और जन भवन में बनने वाले आदर्श माध्यमिक विद्यालय व स्पेस लैब के बारे में भी जानकारी साझा की। इस अवसर पर विद्या भारती के पदाधिकारी, विशिष्ट अतिथि, शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

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