नगर निगम कार्यालय परिसर में स्मार्ट रोड निर्माण और सौंदर्यीकरण के दौरान
काकोरी कांड के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को बुलडोजर चलाकर किया खंडित
शाहजहांपुर। क्रांतिकारियों की नगरी शाहजहांपुर में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। नगर निगम कार्यालय परिसर में स्मार्ट रोड निर्माण और सौंदर्यीकरण के दौरान काकोरी कांड के अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से हटाने के प्रयास में उन्हें खंडित कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहरवासियों में भारी रोष है और विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम परिसर में स्थित शहीदों की पुरानी प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमाएं स्थापित की जानी थीं। इसके लिए एक निजी एजेंसी को 40 लाख रुपये का ठेका दिया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने निगम अधिकारियों को बिना सूचना दिए रविवार रात बुलडोजर की मदद से प्रतिमाओं को हटाने की कोशिश की, जिससे वे टूट गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इन पवित्र प्रतिमाओं को कथित तौर पर डंपिंग ग्राउंड में पड़ा हुआ दिखाया गया है, जिसने जनता की भावनाओं को गहरे तक आहत किया है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला: “सौंदर्य शहीदों के सम्मान से बड़ा नहीं”
सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए इसकी घोर निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि “सौंदर्य कभी भी शहीदों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। शाहजहांपुर में सौंदर्यीकरण के बहाने शहीदों की मूर्तियों पर बुलडोजर चलवाना एक खास मानसिकता की निशानी है। अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाले शहादत का मोल क्या जानें।”

स्थानीय प्रशासन और महापौर की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही महापौर अर्चना वर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। वहीं, सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनीत कुमार त्रिवेदी समेत कई सामाजिक संगठनों ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई और जांच की मांग की है।
प्रतिमाओं को हटाने के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इतनी बड़ी कार्रवाई के समय मौके पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी न होना। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों की मूर्तियों के साथ हुई इस बर्बरता ने जनमानस को झकझोर दिया है।

