एलडीए बोर्ड की 186वीं बैठक में विकास व जनहित के कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
वीरता पदक विजेताओं को फ्लैटों पर छूट, एक साल तक नहीं बढ़ेंगी कीमतें
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) शारदा नगर योजना में जरूरतमंदों के लिए 1100 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवन बनाएगा। इसके साथ ही राजधानी में 7 नई टाउनशिप, गोमती नदी के किनारे ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, मेट्रो को विशेष सुख-सुविधा परियोजना का दर्जा, वीरता पदक विजेताओं को फ्लैटों पर विशेष छूट और फ्लैटों की कीमतें एक साल तक स्थिर रखने जैसे कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। ये सभी निर्णय लखनऊ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष/मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में पारिजात सभागार में हुई प्राधिकरण बोर्ड की 186वीं बैठक में लिए गए।
बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार गोयल, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक कृष्ण मोहन, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा व सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, बोर्ड सदस्य पुष्कर शुक्ला व पीएन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शारदा नगर में बनेंगे 1100 ईडब्ल्यूएस भवन
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के लाभार्थियों को आवंटन पत्र वितरित करते समय गरीबों के लिए और अधिक आवास बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में शारदा नगर योजना के ले-आउट में संशोधन कर 1100 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड से पास किया गया है। योजना के अंतर्गत जलकल विभाग को एसटीपी के लिए 3.6 हेक्टेयर भूमि दी जाएगी, जबकि शेष भूमि पर गरीबों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे।
वीरता पदक विजेताओं को फ्लैटों पर विशेष छूट
देश की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले जवानों व उनके आश्रितों को एलडीए फ्लैटों पर विशेष छूट देगा। परमवीर चक्र व अशोक चक्र विजेताओं को 7.5 प्रतिशत, महावीर चक्र व कीर्ति चक्र विजेताओं को 5 प्रतिशत, वीर चक्र व शौर्य चक्र विजेताओं को 2.5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट एक ही सम्पत्ति पर मिलेगी। इसके अलावा 45 से 90 दिन में पूरी धनराशि जमा करने पर 3 से 6 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी उपलब्ध रहेगी।
एक साल तक नहीं बढ़ेंगी फ्लैटों की कीमतें
एलडीए ने अपने अपार्टमेंट्स के फ्लैटों की कीमतें दिसम्बर 2026 तक फ्रीज कर दी हैं। कानपुर रोड, शारदा नगर, सीतापुर रोड, देवपुर पारा, ऐशबाग हाईट्स सहित विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैट ‘पहले आओ–पहले पाओ’ योजना के तहत पुरानी दरों पर बेचे जाएंगे।
385 एकड़ में विकसित होंगी 7 नई टाउनशिप
उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के तहत मोहनलालगंज व सरोजनीनगर क्षेत्र में प्रस्तावित 7 नई टाउनशिप के डीपीआर को मंजूरी दी गई है। ये टाउनशिप लगभग 385 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होंगी, जिनसे करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। इनमें दुर्गा ग्रीन्स, बाबा इन्फ्रा, अविचल इन्फ्रा बिल्ड, एसमैप बिल्डर्स, ओमैक्स लिमिटेड और नीलेन्द्राज कंस्ट्रक्शन्स शामिल हैं।
लखनऊ मेट्रो को मिला विशेष सुख-सुविधा परियोजना का दर्जा
एलडीए बोर्ड ने लखनऊ मेट्रो को ‘विशेष सुख-सुविधा परियोजना’ में अधिसूचित करने की मंजूरी दी है। इससे मेट्रो रूट पर बनने वाले भवनों के मानचित्रों पर विशेष शुल्क लगेगा, जिससे प्राप्त धनराशि का उपयोग मेट्रो के दीर्घकालिक विकास व स्थायित्व में किया जाएगा।
गोमती किनारे 43 एकड़ में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, मिलेंगी दुकानें
शहीद पथ पर पुलिस मुख्यालय के पीछे अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई 43 एकड़ भूमि पर एलडीए ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच करेगा। इसमें 11 ग्रुप हाउसिंग भूखण्ड, 1 व्यावसायिक भूखण्ड और 15 प्रतिशत क्षेत्रफल में ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। विभूतिखण्ड स्थित सहारा बाजार के 12 दुकानदारों को विस्थापन नीति के तहत गोमती नगर के विनय खण्ड में एलडीए के व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में दुकानें आवंटित की जाएंगी। सहारा ग्रुप द्वारा लीज शर्तों के उल्लंघन के बाद एलडीए ने यह निर्णय लिया है।
आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर और वरुण विहार योजना जल्द होंगी लांच
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आगरा एक्सप्रेस-वे पर वरुण विहार (6580 एकड़), सीतापुर रोड पर नैमिष नगर (2678 एकड़), किसान पथ पर आईटी सिटी (2858 एकड़) और सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी (1197 एकड़) विकसित की जाएंगी। सभी योजनाएं वर्ष 2026 में लांच होंगी और लॉटरी के माध्यम से भूखण्डों का आवंटन होगा।
बिल्डिंग बायलॉज संशोधन और अन्य प्रमुख निर्णय
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के लिए टीडीआर उपविधियों में संशोधन, सीजी सिटी योजना में सीएसआई टावर्स-3 के हस्तांतरण, आउटसोर्सिंग पर इंजीनियरों की तैनाती, अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई, व्यवसायिक सम्पत्तियों के पुनर्जीवन और सेवानिवृत्त राजस्व कर्मियों की आउटसोर्सिंग पर नियुक्ति जैसे कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

