एलयू लाल बारादरी विवाद: पुलिस का सख्त पहरा और नोटिस की झड़ी
एलयू एक साथ तीन अलग-अलग मोर्चों पर भारी तनाव व विवादों से घिरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी का प्रतिष्ठित लखनऊ विश्वविद्यालय इस समय एक साथ तीन अलग-अलग मोर्चों पर भारी तनाव और विवादों से घिरा हुआ है। एक ओर जहाँ लाल बारादरी साइट पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर पुलिसिया कार्रवाई तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर भारी लेट फीस और मेस में खराब खाने की गुणवत्ता ने छात्रों के गुस्से को भड़का दिया है।
विश्वविद्यालय परिसर की शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लाल बारादरी कंस्ट्रक्शन साइट मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को पुलिस ने पाँच नए प्रिवेंटिव नोटिस जारी किए, जबकि इससे पहले 13 छात्रों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सात छात्रों को ‘कारण बताओ’ नोटिस थमाया है और छह पूर्व छात्रों के कैंपस प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह विवाद 21 फरवरी को तब शुरू हुआ जब कुछ छात्रों ने सार्वजनिक स्थल पर नमाज़ पढ़ने और रोज़ा इफ्तार करने की कोशिश की, जिसके जवाब में दूसरे गुट ने ह्यूमन चेन बनाई थी। अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक परिसर की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई अनिवार्य है।
फीस वृद्धि पर बवाल: गेट बंद और प्रॉक्टर घायल
यूनिवर्सिटी के दूसरे कैंपस (न्यू कैंपस) में तनाव उस समय हिंसक मोड़ ले लिया जब छात्रों के एक समूह ने अंडरग्रेजुएट कोर्स की लेट फीस ₹200 से बढ़ाकर ₹2,000 किए जाने के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों ने विरोध स्वरूप कैंपस के सभी गेट बंद कर दिए, जिससे पूरी शैक्षणिक गतिविधियाँ ठप हो गईं। इसी हंगामे के बीच एडिशनल प्रॉक्टर मोहम्मद अहमद का हाथ मेन गेट में फंसने से वह घायल हो गए। प्रदर्शनकारी छात्र प्रशांत पंडित और हर्षित शुक्ला का तर्क है कि LU में समाज के हर वर्ग के बच्चे पढ़ने आते हैं और लेट फीस में 10 गुना वृद्धि करना उनके साथ सरासर अन्याय है।
गंगा हॉस्टल में ‘कीड़े वाली दाल’ पर उपवास
कैंपस के भीतर एक और मोर्चा गंगा हॉस्टल के छात्रों ने खोल रखा है। बुधवार शाम को हॉस्टल के मेस में ‘खराब और दूषित’ खाना परोसने के विरोध में छात्रों ने डिनर का बहिष्कार किया और सामूहिक उपवास रखा। यह विरोध तब शुरू हुआ जब लॉ थर्ड ईयर की छात्रा मेघना शाह लंच करने के बाद बीमार पड़ गईं और बेहोश हो गईं। छात्रों का दावा है कि दाल में कीड़े तैर रहे थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, चीफ प्रोवोस्ट अनूप कुमार सिंह ने इन आरोपों को यह कहते हुए खारिज करने की कोशिश की कि 150 अन्य छात्रों ने भी वही खाना खाया था और किसी को कोई समस्या नहीं हुई।

