लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्य अतिथि; राज्यपाल करेंगी 86वें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी ट्रैफिक डायवर्जन; आम जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 19 से 21 जनवरी 2026 तक 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष, विधान परिषदों के सभापति और संसद के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। आयोजन की मेजबानी यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना कर रहे हैं।
कार्यक्रम का विवरण: सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन सोमवार, 19 जनवरी को सुबह 10 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। इस गरिमामय अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। 20 जनवरी को मुख्य सत्र आयोजित होगा जिसमें विधायी संस्थाओं की कार्यकुशलता, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहन चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का समापन 21 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ होगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था: वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए विधान भवन और उसके आसपास की सुरक्षा को 5 जोन और 13 सेक्टर में बांटा गया है। एटीएस कमांडो, बम निरोधक दस्ते और भारी पुलिस बल (लगभग 1600 कर्मी) की तैनाती की गई है।
शहर में सोमवार को सुबह से आम नागरिकों की सुविधा के लिए शहर में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। जिसमें हजरतगंज, बंदरियाबाग और रॉयल होटल के आसपास सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। चारबाग, गोमतीनगर और शहीद पथ की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों (कैसरबाग, 1090 चौराहा या कैंट) पर डायवर्ट किया गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया है।
यह उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला चौथा ऐसा सम्मेलन है। इससे पहले साल 2015 में प्रदेश को इसकी मेजबानी मिली थी। इस बार सम्मेलन के समानांतर विधायी निकायों के सचिवों का 62वां सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है।

