बुधवार, 1 अप्रैलको शाम 6:30 बजे सेरवीन्द्रालय, चारबाग में होगी अद्भुतहास्य-संध्या
‘रंगभारती’ संस्था के हास्य-व्यंग्य का अनूठा उत्सव‘घोंघाबसंत सम्मेलन’ के 65वें वर्ष में
लखनऊ। राजधानी लखनऊ की सुप्रसिद्ध संस्था ‘रंगभारती’ के हास्य-व्यंग्य का अनूठा उत्सव ‘घोंघाबसंत सम्मेलन’ इस वर्ष अपनी स्थापना के 65वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आगामी बुधवार, 1 अप्रैल को शाम 6:30 बजे से रवीन्द्रालय, चारबाग में यह हास्य-संध्या आयोजित की जाएगी।
संस्था के अध्यक्ष श्याम कुमार ने बताया कि इस वर्ष हास्य-रस के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए निम्नलिखित सम्मान भेंट किए जाएंगे। जिसमें बेढब बनारसी रंगभारती सम्मान से लखनऊ के प्रसिद्ध साहित्यकार सूर्य कुमार पांडेय एवं वाराणसी के सांड़ बनारसी को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। रमई काका रंगभारती सम्मान से अवधी बोली के वरिष्ठ रचनाकार समीर शुक्ल (फतेहपुर) को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा।
गधे द्वारा उद्घाटन और ‘मूर्ख रत्न’ की उपाधियाँ
देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले इस आयोजन की परंपरा बेहद निराली है। समारोह का अनोखा उद्घाटन होगा। जिसमें सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन ‘मूर्खिस्तान के प्रधानमंत्री’ के रूप में एक असली गधे से करवाया जाएगा। मूर्ख रत्न सम्मान से इस अवसर पर समाज की कुछ चयनित विभूतियों को ‘मूर्ख रत्न’ की उपाधि से विभूषित किया जाएगा। गन्धर्व-विवाह कार्यक्रम के दौरान हास्य और मनोरंजन से भरपूर रोचक ‘गन्धर्व-विवाह’ भी संपन्न कराए जाएंगे।
65 वर्षों से अनवरत हंसी का सफर
रंगभारती संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार ने कहा कि “तनावभरी जिंदगी में हंसी के कुछ पल गुजारना ही इस सम्मेलन की सार्थकता है।” रंगभारती संस्था का मुख्य उद्देश्य आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में लोगों को हंसने-हंसाने का अवसर प्रदान करना है। संस्था का गौरवशाली इतिहास रहा है; इसने वर्ष 1961 में प्रयागराज में देश का पहला हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया था और तब से यह परंपरा निरंतर जारी है।

