पहली बार राहुल गांधी की सुरक्षा में इस तरह की हुई चूक प्रशासन ने किया इंकार
आगे राज्यमंत्री समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने काफिले को रोककर की नारेबाजी
रायबरेली। प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी को अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन ही विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज भाजपाईयों ने राहुल गांधी का जमकर विरोध किया। बुधवार को उनके काफिले के सामने यूपी के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह कार्यकर्ताओं के साथ हार्ईवे पर धरने पर बैठ गए। सभी ने राहुल वापस जाओ के नारे लगाए। पुलिस और भाजपाइयों में लगभग आधा घंटे जमकर नोकझोंक और हाथपाई हुई। लगभग 15 मिनट तक राहुल का काफिला हाईवे पर रुका रहा। इसे राहुल गांधी की सुरक्षा में भारी चूक माना जा रहा है। पुलिस अफसरों के काफी समझाने पर आधा घंटे बाद भाजपाई शांत हुए।
लखनऊ एयरपोर्ट से सांसद राहुल गांधी सडक़ मार्ग होते हुए संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंच रहे थे। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर गुलूपुर गांव के पास स्थित महावीर इंस्टीटयूट के पास राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे राहुल गांधी हरचंदपुर कस्बा पहुंचे ही थे कि इधर राज्यमंत्री कार्यकर्ताओं के साथ हाईवे पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लहराए। बैनर में मोदी जी की मां का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान और कागज पर लिखी तख्तियों में राहुल गांधी वापस जाओ, राहुल गांधी माफी मांगो, देश की माताओं से माफी मांगो के नारे लिखे थे।
इसी बीच राहुल गांधी का काफिला भी आ गया। पुलिस अफसरों व पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूल गए। सीओ सदर अमित सिंह, हरचंदपुर थाना प्रभारी आदर्श कुमार सिंह पुलिसकर्मियों के साथ दौडक़र पहुंचे। भाजपाइयों को हाईवे से बाहर करने लगे। पुलिस अफसरों व पुलिसकर्मियों के साथ भाजपाइयों ने नोकझोंक व धक्कामुक्की की। इस बीच राहुल का काफिला हाईवे पर फंसा रहा। पुलिस भाजपाइयों से नोकझोंक करती रही। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भाजपाइयों को खदेडक़र राहुल गांधी के काफिले को आगे बढ़ाया। इधर, राज्यमंत्री व भाजपाइयों को भी पुलिस ने समझाकर शांत कराकर हाईवे से बाहर किया। सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक विरोध प्रदर्शन चला। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल देश की माताओं से माफी मांगे।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक का यह पहला मौका है। विरोध प्रदर्शन कई बार हुए, लेकिन इस तरह उनका काफिला हाईवे पर कभी नहीं रोका गया। सवाल उठ रहे हैं कि उनकी सुरक्षा में चूक कैसे हुई। हरचंदपुर कस्बे से लेकर कार्यक्रम स्थल बटोही रिसार्ट तक भारी संख्या में पुलिस अफसरों व पुलिसकर्मी तैनात थे। बावजूद इसके राज्यमंत्री व भाजपाई कैसे धरने पर बैठ गए। क्या इसकी जानकारी पुलिस के पास पहले से नहीं थी। राहुल की सुरक्षा में चूक को लेकर कांग्रेसियों ने काफी नाराजगी जताई है।
पुलिस प्रशासन ने किया इंकार
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं संग हाईवे पर धरने पर बैठकर राहुल गांधी के काफिले को रोकने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं को समझाकर हाईवे से बाहर किया गया। सुरक्षा में किसी तरह की कोई चूक नहीं हुई है। पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। हाईवे पर धरने पर बैठने पर राज्यमंत्री व भाजपाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जैसी फिलहाल कोई बात नहीं है।
लोकसभा चुनाव में एक करोड़ वोट चुनाव आयोग ने बढ़ाए:राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार की शाम ऊंचाहार पहुंचे। जहां बूथ अध्यक्षों से मिलकर लोकसभा चुनाव में भारी मतों के अंतर से जीत दिलाने के लिए आभार जताया। पंचायत चुनावों के साथ 2027 विधानसभा चुनाव के लिए लोगों में जोश भरा। उनके निशाने पर चुनाव आयोग ही रहा।
बूथ अध्यक्षों से कहा कि कार्यकर्ताओं के बल पर ही कांग्रेस आगे बढ़ रही है। हम आप सभी के बदौलत परिवर्तन करेंगे। एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी के पहुंचते ही कांग्रेस पदाधिकारियों, प्रदेश सचिव अतुल सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। मंच पर पहुंचते ही पूर्व विधायक अजय पाल सिंह ने संविधान की किताब भेंट की। राहुल गांधी ने बूथ अध्यक्षों से कुशलता पूछी। कहा आप लोगों ने मेरा साथ दिया और हमें जीत दिलाई। बूथ पर आप ही मेरी ताकत हैं। हम अपने बूथ कार्यकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।
राहुल गांधी ने अपने वोट चोर गद्दी छोड़ मिशन पर कार्यकर्ताओं का जोश भरा और वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगवाये। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोरी कर चुनाव जीती है। लोकसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग ने पूरे देश में एक करोड़ फर्जी वोट बढ़ाए हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक के विधानसभा चुनाव से चुनाव आयोग की मिलीभगत से भाजपा की वोट चोरी पकड़ी गई है। इस कारण भाजपा परेशान है। कहा कि इस सरकार में संविधान खतरे में है। हमारे अधिकारों को कुचलने की कोशिश हो रही है, लेकिन हम संविधान की रक्षा करेंगे।

